Facebook Twitter instagram Youtube
खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) का क्या कारण है? क्या हैं इसके लक्षण और उपचार?

खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) का क्या कारण है? क्या हैं इसके लक्षण और उपचार?

खाद्य विषाक्तता एक व्यापक शब्द है जिसका उपयोग प्रदूषित भोजन के सेवन से होने वाली बीमारियों के समूह के लिए किया जाता है। अधिकांश मामलों में, लोग कुछ दिनों में स्वतः ठीक हो जाते हैं। हालांकि, खाद्य विषाक्तता के कई प्रकार खतरनाक भी हो सकते हैं। निम्न आय समूह वाले लोगों में इस समस्या के विकास का खतरा अधिक हो सकता है। बच्चों में भी खाद्य विषाक्तता विशेष रूप से खतरनाक होती है, क्योंकि उनमें पानी की हानि के परिणामस्वरूप डीहाइड्रेशन उत्पन्न हो सकती है।

 

खाद्य विषाक्तता के क्या कारण होते हैं?

 

जब आपके द्वारा सेवन किया जाने वाला भोजन बैक्टीरिया, फंगस, पैरासाइट या वायरस से प्रदूषित हो जाता है, तो या तो प्रदूषक जीवाणु या उनसे उत्पन्न विषाक्त पदार्थों द्वारा फ़ूड पॉइजनिंग  के लक्षण दिखायी देते हैं। यह लक्षण आमतौर पर आपके शरीर के इन विषाक्त पदार्थों को उल्टी या दस्त द्वारा आपके पाचन तंत्र से हटाने की एक प्रक्रिया होती है।

 

खाद्य को प्रदूषित करने के क्या कारण होते हैं?

 

  • पुराना या सड़े हुए भोजन
  • अच्छी तरह से धोये बिना खाद्य पदार्थों का उपयोग 
  • खाद्य पदार्थ रखने या बेचने वाली जगह पर खराब प्रबंधन
  • ख़ाना सही ढंग से नहीं पकाना
  • भोजन अच्छी तरह से स्टोर नहीं करना 

खाद्य विषाक्तता एक संक्रामक रोग भी हो सकती है यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति किसी संक्रमित व्यक्ति के रोगाणुओं से संपर्क करता है।

 

ट्रैवेलर्स दस्त क्या होते हैं?

 

विदेश यात्रा के दौरान, आपका शरीर अभ्यस्त रोगाणुओं के अतिरिक्त नए बीमारी पैदा करने वाले जर्म्स के संपर्क में आता है। इससे आपकी प्रतिरक्षात्मक प्रणाली इन जीवों लड़ने के लिए कम तैयार होती है और आपको खाद्य विषाक्तता होने का जोखिम बढ़ जाता है। जिसे आमतौर पर ट्रैवेलर्स डायरिया के रूप में जाना जाता है।

 

खाद्य विषाक्तता के कितने प्रकार होते हैं?

 

विभिन्न रोगकारक जीवाणुओं और विषाक्त पदार्थों के कारण, 250 से अधिक प्रकार की खाद्य विषाक्तता होती है। इनमें से कुछ सामान्य कारण निम्नलिखित होते हैं:

  • साल्मोनेला: आमतौर पर कच्चे अंडे और बिना पक्के मुर्गी के सेवन से या पक्षियों के मल के प्रदूषण से 
  • ईकोलाई: आमतौर पर बिना पके मांस और कच्चे सब्जियों के सेवन से
  • लिस्टेरिया: पनीर, कच्चे अंकुरित खाद्य पदार्थों से 
  • नोरोवायरस: कच्चे खाद्य से, कभी-कभी स्टमक फ्लू के रूप में भी जाना जाता है
  • हेपेटाइटिस : प्रदूषित पानी, बर्फ, शैलफिश, और सब्जियों के सेवन से  
  • ऑरियस: आमतौर पर प्रदूषित हाथ से भोजन के प्रदूषण से 
  • कैम्पिलोबैक्टर: बिना पका हुआ मुर्गा, मांस, अंडे, कच्चा दूध या प्रदूषित पानी से
  • शिगेला: आमतौर पर बिना पकी हुई सब्जियाँ, शैलफिश, मेयोनेज़ वाले सलाद आदि से।

 

खाद्य विषाक्तता के लक्षण और संकेत क्या होते हैं?

 

खाद्य विषाक्तता के प्रकार के आधार पर, आपके लक्षण कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक महसूस हो सकते हैं या कुछ मामलों में, कुछ हफ्तों तक भी मौजूद रह सकते हैं। यही वह समय होता है जब संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि वह विषैला हो जाता है। कुछ सामान्य लक्षणों में मुख्य निम्नलिखित हैं:

  • पानी जैसा मल 
  • बार-बार शोच जाना 
  • उल्टी जैसा महसूस होना या उल्टी आना 
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • शरीर में कमजोरी महसूस होना 

 

ये लक्षण आमतौर पर 12 से 48 घंटे में स्वतः ठीक हो जाते हैं। परंतु, यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या संक्रमण गंभीर है, तो लक्षण अधिक समय तक रह सकते हैं, और आपको चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो सकती है।

 

किन लक्षणों पर चिकित्सकीय ध्यान देने की आवश्यकता होती है?

 

किसी भी तंत्रिका तंत्र के लक्षणों की उपस्थिति को तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता होती है। जिनमें निम्नलिखित लक्षण शामिल होते हैं:

  • धुंधला दिखायी देना 
  • सिरदर्द
  • लकवा
  • त्वचा में झनझनाहट या सुन्नापन महसूस होना 

 

डीहाइड्रेशन के लक्षण महसूस होने पर भी तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता होती है ताकि डीहाइड्रेशन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करे। यह विशेषतः बच्चों के लिए ज़रूरी होता है क्योंकि गंभीर डीहाइड्रेशन से बच्चों के जीवन को ख़तरा हो सकता है। चूंकि बच्चों के शरीर का वजन कम होता है और उनके शरीर में मौजूद पानी की मात्रा कम होती है, इसलिए उनका डीहाइड्रेशन जल्दी बिगड़ता है। डीहाइड्रेशन के निम्नलिखित लक्षण और संकेत होते हैं:

  • अत्यधिक प्यास लगना 
  • मुँह में सूखापन महसूस होना 
  • कम बार और कम मात्रा में पेशाब आना 
  • गहरे रंग का पेशाब आना 
  • नोचने और छोड़े जाने पर त्वचा को वापस सामान्य होने में समय लगना 
  • धँसी हुई आँखें या गाल 
  • रोते समय आंसू नहीं आना 

 

नीचे बताये गये अधिक गंभीर लक्षणों पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता होती है:

  • व्यक्ति की मानसिक स्थिति में परिवर्तन जैसे भ्रम होना 
  • बहुत तेज बुखार
  • बार-बार उल्टी आना 
  • प्रतिदिन 6 से अधिक बार मल आना 
  • 3 दिन से अधिक दस्त रहना 
  • काला टैरी या गहरा लाल रंग का मल
  • शोच में मवाद आना 

 

खाद्य विषाक्तता का निदान कैसे किया जाता है?

 

आपके द्वारा बताये गये लक्षणों के आधार पर, आपका डॉक्टर स्थिति के परीक्षण के लिए रक्त या मल के नमूने के लिए कह सकता है। ये परीक्षण आमतौर पर खाद्य विषाक्तता के सटीक कारण का पता लगा सकते हैं, लेकिन डॉक्टर इन परीक्षणों की सिफारिश तभी करते हैं जब स्थिति गंभीर हो और चिकित्सीय हस्तक्षेप की आवश्यकता हो।

 

खाद्य विषाक्तता से बचने के घरेलू उपाय क्या होते है?

 

कुछ साफ़-सफ़ाई के टिप्स को ध्यान में रखकर आप घर में खाद्य विषाक्तता को रोकने में मदद कर सकते हैं। जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

  • ख़ाना बनाने और खाने से पहले हाथ धोएँ  
  • बर्तनों और रसोई की सतहों को बार-बार साफ़ करें 
  • कच्चे खाने को पके हुए खाने से अलग रखें 
  • भोजन को सुरक्षित तापमान पर पकाएँ 
  • खाने की वस्तुओं का उचित रेफ़्रीजरेशन करें 
  • संदेह होने पर खाना फेंक दें 
  • खाने से पहले सब्जियों और फलों को अच्छे से धोएँ  
  • कच्चे या अधपके भोजन से परहेज करें 

 

खाद्य विषाक्तता का इलाज क्या होता है?

 

अधिकतर मामलों में, खाद्य विषाक्तता को उपचार की आवश्यकता नहीं होती है और 48 घंटों के भीतर स्वयं ठीक हो जाती है। हालांकि, अधिक गंभीर स्थितियों में, आपका डॉक्टर आपके संक्रमण के कारण और जीवाणु के प्रकार के आधार पर उचित उपचार की सलाह दे सकता है। यदि इसके कारण आपको डीहाइड्रेशन या पोषक तत्वों की कमी हो गई हो तो आपका डॉक्टर पीने के घोल या अंतःशिरा (Intravenous or IV) तरल पदार्थों से इसे ठीक कर सकता है। डॉक्टर अधिकतर डायरिया-रोधी दवा को लेने से माना करते हैं क्योंकि यह यह आमतौर पर बीमारी को बढ़ाती है। 

Medanta Medical Team
Back to top