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ब्रेन ट्यूमर के 8 लक्षण जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पड़ती हैं।

भारत में हर साल 50,000 से अधिक व्यक्तियों में मस्तिष्क कैंसर का पता चलता है। इन पीड़ितों में से 20% बच्चे होते हैं। पिछले 5 वर्षों में मेडुलोब्लास्टोमा (बच्चों के मस्तिष्क कैंसर) के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है, संभवतः पर्यावरणीय खतरे जैसे हानिकारक रसायनों और विषाक्त पदार्थों से संपर्क इसका कारण हो सकता है। 

 

कुछ ब्रेन ट्यूमर मामलों में आनुवंशिक स्थितियाँ जैसे ली-फ्रामेनी सिंड्रोम, न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस, ट्यूबरस स्केलेरोसिस और टरकोट सिंड्रोम को भी जिम्मेदार माना गया है। 

 

ब्रेन ट्यूमर का खतरा किन में होता है? 

 

हालाँकि ब्रेन ट्यूमर किसी को कभी भी हो सकता है, लेकिन कुछ जोखिम कारक हैं जो आपके मस्तिष्क कैंसर के ख़तरे को बढ़ाते हैं

  • आयु और लिंग: बच्चों और छोटे वयस्कों में ब्रेन ट्यूमर का ख़तरा सबसे अधिक होता है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इसका खतरा ज़्यादा होता है। हालाँकि, मेनिनजियोमा ट्यूमर होने की संभावना महिलाओं में सबसे अधिक होती है। 
  • संक्रमण, रसायन, विकिरण और हानिकारक विषाक्त पदार्थों का संपर्क: व्यावसायिक या पर्यावरणीय जोखिम कारक, एपस्टीन-बार वायरस (ईबीवी) से संक्रमण, और अन्य कारक मस्तिष्क ट्यूमर के लिए ज्ञात जोखिम कारक हैं। 
  • सिर की चोट और मिर्गी का दौरा: सिर की गंभीर चोट का मस्तिष्क ट्यूमर से संबंध के लिए लंबे समय से अध्ययन किया जा रहा है। 

 

ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण क्या होते हैं?

 

नीचे आठ ऐसे लक्षणों के बारे में बताया है जो एक व्यक्ति को एक मस्तिष्क के ट्यूमर के बारे में पता होने चाहिए:

  • मिर्गी का दौरा (seizures) - फ़िट्स या दौरे आना मस्तिष्क के ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं, खासकर जब उस व्यक्ति को पहले से कोई दौरों या सीजर का चिकित्सीय इतिहास हो। दौरे अनुभव होने वाले मरीज़ों में लगभग एक तिहाई संख्या को मस्तिष्क के ट्यूमर निदान होते है। जिसके फलस्वरूप शरीर में गंभीर असामान्य गतिविधियाँ उत्पन्न हो सकती हैं और इसके साथ-साथ व्यक्ति चेतना भी खो सकता है। इनके अलावा प्रकाश की दमक महसूस होना (flashes of light) या अन्य दृष्टि दोष हो सकते हैं। 
  • मस्तिष्क के कार्यक्षमता में कमी - याददाश्त खोना और सामान्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना एक चिंता का विषय होता है और यह एक मस्तिष्क के ट्यूमर के बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं। अतः जब आपको ये लक्षण महसूस हो तब शीघ्र अपने डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर होता है।
  • गंभीर, निरंतर सिरदर्द रहना - यदि आपको सिरदर्द लगातार रह रहा है, खासकर जो सुबह में तेज़ हो जाता है और कई प्रकार की औषधियों के सेवन के साथ भी नहीं ठीक होता है, तो यह गंभीर बात हो सकती है। यदि आपको सिरदर्द के बाद दोहरा दिखना, मतली और उल्टियाँ, सून्नापन या कमजोरी की समस्या महसूस होती है, तो यह मस्तिष्क के ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं।
  • भाषा में समस्याएँ - अचानक बोलने में बदलाव, जैसे हकलाहट और शब्दों को याद करने या उच्चारण करने में दिक़्क़त आना भी मस्तिष्क के ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं।
  • कमजोरी महसूस होना - ब्रेन ट्यूमर वाले व्यक्ति अपने बांहों और पैरों से पहले जैसी कुशलता से काम नहीं कर पाते है। उन्हें चलते समय कुछ अस्थायीता और संतुलन खोने का भी एहसास हो सकता है।
  • दृष्टि हानि - बायटेम्पोरल हेमियानोप्सिया स्थिति में व्यक्ति के दोनों दाहिनी और बाईं आँख के बाहरी आधे भाग में कुछ दिखाई नहीं देता है।
  • व्यक्तित्व में परिवर्तन - मस्तिष्क के ट्यूमर व्यक्ति की निर्णय की प्रकृति को बदल सकता है, और व्यक्ति में चिंता, उत्तेजना, और मूड स्विंग्स आदि का अनुभव हो सकता है।
  • सुनने में समस्याएँ - ब्रेन ट्यूमर वाले व्यक्ति को अपने कानों में निरंतर घंटी की आवाज़ का अनुभव हो सकता है, जिससे अंततः सुनने की क्षमता में हानि हो सकती है।

 

मस्तिष्क के ट्यूमर के अन्य लक्षणों में गर्मी या सर्दी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता, स्वाद में परिवर्तन, मोटापा और हाथ में कंपन शामिल होते हैं। कुछ प्रकार के मस्तिष्क के ट्यूमर तेजी से बढ़ते हैं जबकि अन्य ट्यूमर सामान्यतः धीरे-धीरे बढ़ते हैं।

 

इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, एक डॉक्टर डायग्नोसिस के बाद मस्तिष्क के ट्यूमर के उपचार को कितनी जल्दी शुरू करना चाहिए, इसे निर्धारित कर सकता है। समय पर ट्यूमर का पता चलने और मस्तिष्क के ट्यूमर के तुरंत उपचार के द्वारा रोगी का ट्यूमर-मुक्त जीवन की ओर प्रगति को तेज कर सकता है।

 

Medanta Medical Team
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