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टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी: इसके बारे में आपको क्या जानना चाहिए

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों को उनके विशेषताएँ देता है, जैसे गहरी आवाज, चेहरे और शरीर के बाल, बड़ी मांसपेशियाँ, शुक्राणु उत्पादन, और उच्च लिबिडो। इसके साथ ही, यह हृदय की देखभाल करते हुए हड्डियों की मज़बूती और घनत्व बनाये रखने में भी मदद करता है। हालांकि, उम्र के साथ, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर कम होने लगता है। एक अध्ययन के अनुसार 60 वर्ष से अधिक उम्र के 20% पुरुषों में, 70 वर्ष से अधिक उम्र के 30% पुरुषों में और 80 वर्ष से अधिक उम्र के 50% पुरुषों में, कम टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन के स्तर मौजूद थे।

 

कभी-कभी, अत्यंत कम टेस्टोस्टेरोन की मात्रा शरीर पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं। इससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन, कम यौन इच्छा, थकान और थकावट, और कमजोर हड्डियाँ (जिससे ऑस्टियोपोरोसिस नामक एक स्थिति हो सकती है) हो सकती है। लेकिन ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपने टेस्टोस्टेरोन स्तर को मैनेज कर सकते हैं। यहां टेस्टोस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के बारे में विस्तार से बताया है।

 

किन चिकित्सीय समस्याओं की वजह से पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है?

 

आमतौर पर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर युवावस्था और प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था में अपने उच्चतम स्तर पर होता है। उम्र के साथ, आमतौर पर 30 के बाद, हर साल करीब 1% के आसपास की दर से टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटता है। इसका असली कारण जानने के लिए एक डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

 

नीचे कुछ कारण दिए गए हैं जिनके कारण आपके टेस्टोस्टेरोन स्तर कम हो सकते हैं:

 

प्राथमिक हाइपोगोनाडिज्म

इस स्थिति में शरीर सामान्य मात्रा में टेस्टोस्टेरोन उत्पन्न करने में असमर्थ होता है, जो टेस्टिकल या टेस्टिकल को नियंत्रित करने वाले पिट्यूटरी ग्रंथि में कोई समस्या होने के कारण हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

 

वंशीय स्थितियां 

  1. अन्डीसेंडेड टेस्टिकल: जब जन्म से पहले टेस्टिकल्स पेट से नीचे अपनी जगह पर नहीं आते हैं
  2. क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम: एक ऐसी स्थिति जिसमें एक आदमी तीन लिंग गुणसूत्रों X, X और Y के साथ पैदा होता है।
  3. हीमोक्रोमेटोसिस: रक्त में अधिक मात्रा में लोहे के कारण टेस्टिकल की क्षति या पिट्यूटरी क्षति होती है।

 

टेस्टिकल क्षति के प्रकार जिनसे प्राथमिक हाइपोगोनाडिज्म हो सकता है:

  • टेस्टिकल को शारीरिक चोट: दोनों टेस्टीकल में क्षति होने पर टेस्टोस्टेरोन स्तर प्रभावित होता है।
  • मम्स ओरकाइटिस: मम्स संक्रमण के कारण टेस्टीकल में क्षति हो सकती है।
  • कैंसर उपचार: रेडिएशन या कीमोथेरेपी के कारण भी टेस्टिकल को क्षति पहुंचा सकती है।

 

द्वितीयक हाइपोगोनाडिज्म

जब पिट्यूटरी ग्रंथि या हाइपोथैलामस में क्षति होती है, तो द्वितीयक हाइपोगोनाडिज्म विकसित हो सकता है। पिट्यूटरी ग्रंथि या हाइपोथैलामस मस्तिष्क के वे हिस्से होते हैं जो हार्मोन उत्पादन का नियंत्रण करते हैं और इनमें हुई कोई भी क्षति से टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का उत्पादन कम हो सकता है।

 

इस प्रकार में विरासत या बीमारी द्वारा होने वाली कुछ स्थितियाँ शामिल हैं, जैसे:

  • पिट्यूटरी विकार जो दवाओं, किडनी फेलियर, या छोटी गांठों के कारण होते हैं 
  • कैलमन सिंड्रोम, असामान्य हाइपोथैलामस कार्य से जुड़ी एक स्थिति
  • इंफ्लेमेटरी बीमारियाँ, जैसे टीबी, सार्कोइडोसिस और हिस्टियोसाइटोसिस, जो पिट्यूटरी ग्रंथि और हाइपोथैलामस पर असर डाल सकती हैं
  • एचआईवी/एड्स, जो पिट्यूटरी ग्रंथि, हाइपोथैलामस और टेस्टीस पर असर डालता है

 

द्वितीयक हाइपोगोनाडिज्म होने में निम्न अक्वायर्ड स्थितियाँ शामिल हैं:

  • सामान्य बढ़ती हुई उम्र: उम्र हार्मोनों के उत्पादन और प्रतिक्रिया पर असर डालती है।
  • मोटापा: अतिरिक्त शारीरिक फैट आपके हार्मोनों के उत्पादन पर असर डाल सकता है।
  • दवाएँ: कुछ दर्दनिवारक दवाओं और स्टेरॉयड आपके पिट्यूटरी ग्रंथि और हाइपोथैलामस के कार्य पर असर डाल सकती हैं।
  • समवर्ती बीमारी: भावनात्मक तनाव या बीमारी या सर्जरी से आराम के दौरान प्रजनन प्रणाली अस्थायी रूप से बंद हो सकती है।

 

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करने वाली जीवनशैली और आहार विकल्प क्या हो सकते हैं?

 

कुछ जीवनशैली चुनाव जैसे कि शराब का सेवन और धूम्रपान, टेस्टोस्टेरोन स्तर के कम होने का कारण हो सकते हैं। हालांकि, एक स्वस्थ आहार आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन स्तर को बनाए रखने में अहम भूमिका रखते है।

 

क्या आपको टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की आवश्यकता है?

 

अगर आप अक्सर थकान और ऊर्जा की अत्यधिक कमी महसूस कर सकते हैं, हालाँकि यह केवल कार्य तनाव या उम्र के कारण हो सकता है, परंतु कुछ लोगों के लिए यह टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन के स्तर के कम होने के मामले भी हो सकता है। यदि आपके परीक्षण परिणाम में टेस्टोस्टेरोन के बहुत कम स्तर पाए जाते हैं, तो आपके डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) की सलाह दे सकते हैं।

 

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या होती है?

 

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (टीआरटी), जिसे अंड्रोजेन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एआरटी) भी कहते है, एक हार्मोन प्रतिस्थापन थेरेपी है जिसका उपयोग पुरुष में कम टेस्टोस्टेरोन स्तर को सही करने के लिए किया जाता है। टीआरटी की सलाह केवल जब आपको हाइपोगोनाडिज्म का निदान हो गया हो तभी सलाह दी जाती है।

 

यदि आपको टीआरटी की सलाह दी गई है या आप उसके बारे में अपने चिकित्सक से सलाह लेने की सोच रहे हैं, तो आपके पास कई सवाल हो सकते हैं। यहां टीआरटी के बारे में कुछ प्रमुख प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं:

 

क्या टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी सुरक्षित होती है?

 

किसी भी उपचार विधि की तरह, टीआरटी के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इनमें से कुछ निम्न हैं:

  • मुँहासे
  • नींद में सांस लेने में बाधा
  • स्तन में सूजन और छूने में दर्द 
  • टखनों में सूजन
  • लंबे समय तक रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग करने वालों में हृदय संबंधी समस्याओं जैसे हृदयघात और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
  • यह प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं के विकास को प्रोत्साहित कर सकता है

 

हालांकि, अधिकांश समय में, इन संभावित जोखिमों के बावजूद लाभ उन्नतियों से अधिक होते हैं, जिसके कारण टीआरटी हाइपोगोनाडिज्म से पीड़ित कई पुरुषों के लिए एक उपयुक्त उपचार चुनाव है।

 

क्या टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी मुझे ऊर्जावान महसूस करा सकती है?

 

असामान्य रूप से कम टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने के लिए टीआरटी की आवश्यकता हो सकती है। यह आपको ऊर्जावान महसूस करा सकता है और आपकी सेक्स ड्राइव को वापस लाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इलाज के दौरान, आपका शरीर टेस्टोस्टेरोन का निर्माण बंद हो जाता है, और थेरेपी बंद करने पर बड़े अंतर दिखाई दे सकते हैं क्योंकि टेस्टोस्टेरोन उत्पादन पूरी तरह से सामान्य नहीं होता है।

 

टीआरटी कैसे किया जाता है?

 

टीआरटी कई तरीकों से दिया जा सकता है और आपके चिकित्सक आपके जीवनशैली और चिकित्सा आवश्यकताओं के आधार पर इसे आपको देंगे। टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के तरीके शामिल हैं:

  • मुँह से दी जाने वाली दवाएँ
  • मांसपेशियों में इंजेक्शन
  • टोपिकल क्रीम
  • त्वचा पर पैच के रूप में 

 

इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें और विस्तार से जानें कि आपके लिए कौन सा तरीका सबसे उपयुक्त है।

 

मुझे कितने समय तक टीआरटी लेना होगा?

 

टीआरटी आपके कम टेस्टोस्टेरोन स्तर के लिए एक इलाज नहीं होती है। इसलिए, आपको इसे हमेशा लेना होगा। हालांकि, टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी को आवश्यक शारीरिक परिवर्तनों के लिए केवल टेस्टोस्टेरोन के कुछ अंश के रूप में लिया जा सकता है। टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी हाइपोगोनाडिज्म के लिए एक दीर्घकालिक उपचार विधि होती है। अगर केवल कम टेस्टोस्टेरोन स्तर ही आपकी चिंता की वजह है, तो प्राकृतिक रूप से टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने के लिए अपनी जीवनशैली और आहार में परिवर्तन करने का प्रयास करें।

Medanta Medical Team
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