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कलजयकरसनम-पत

कोलेंजियोकार्सिनोमा: पित्त नली के कैंसर के संकेत और लक्षण क्या हैं?

कोलेंजियोकार्सिनोमा या एडेनोकार्सिनोमा, जिसे आमतौर पर पित्त नली का कैंसर भी कहते है। यह पित्त नली का एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर होता है, जो आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में देखा जाता है। भारत में सालाना पित्त नली के कैंसर के 1000 से भी कम मामले रिकॉर्ड हुए हैं। 

 

पित्त नलिकाएँ (bile duct) क्या होती हैं और वे क्या कार्य करती हैं? 

 

पित्त नलिकाएँ अपेक्षाकृत छोटी नलिकाएँ (लगभग 10 सेमी से 15 सेमी लंबी) होती हैं, जो आपके लिवर को छोटी आंत से जोड़ती हैं। यह यकृत से पित्त (bile) नामक तरल पदार्थ को पैंक्रियास के माध्यम से आपकी आंत तक ले कर जाती है, जहां पित्त आपके भोजन में मौजूद वसा को पचाने में मदद करता है। 

 

कैंसर कोशिकाएँ पित्त नली में कहीं से भी शुरू हो सकती हैं, और फिर आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे यकृत या अग्न्याशय में फैल सकती हैं। 

 

पित्त नली के कैंसर को उसके बनने के स्थान के आधार पर निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है

  • इंट्राहेपेटिक कोलेजनियोकार्सिनोमा: यह कैंसर यकृत के भीतर पैदा होता है और कभी-कभी इसे लिवर कैंसर के एक प्रकार के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 
  • हिलर कोलेंजियोकार्सिनोमा: यह यकृत के बाहर उत्पन्न होता है और इसे पेरिहिलर कोलेंजियोकार्सिनोमा भी कहते है।
  • डिस्टल कोलेजनियोकार्सिनोमा: यह छोटी आंत के पास वाले पित्त नली के हिस्से में पैदा होता है।

 

क्या पित्त नली के कैंसर का शीघ्र पता लगाया जा सकता है? 

 

पित्त नलिकाएँ आपके शरीर के अंदर गहराई में मौजूद होती हैं, इसलिए इससे संबंधित स्थितियों के संकेतों और लक्षणों का जल्दी पता नहीं लगता है। चूंकि पित्त नली में उपस्थित ट्यूमर यकृत या पित्ताशय से पित्त के स्राव में रुकावट उत्पन्न करता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों में लिवर के कार्य क्षमता में खराबी शामिल है। 

 

आपको जिन संकेतों और लक्षणों पर नज़र रखनी चाहिए वे हैं

  • पीलिया: पीलिया तब होता है जब आपका लीवर अत्यधिक पित्त को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाता है। पित्त में बिलीरुबिन नामक हरा-पीला रसायन मौजूद होता है, जो व्यक्ति के रक्तप्रवाह में जमा हो जाता है और अंततः आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों में भी इकट्ठा होने लग जाता है। पीलिया का सबसे पहला लक्षण आपकी त्वचा और आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना देखा गया है। हालाँकि पीलिया आमतौर पर हेपेटाइटिस (यकृत की सूजन) के कारण होता है, यह आमतौर पर पित्त नली के कैंसर का पहला लक्षण भी होता है। वजह चाहे जो भी हो, अगर आपको पीलिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 
  • खुजली: जब आपके रक्त में उपस्थित अतिरिक्त बिलीरुबिन त्वचा के नीचे जमा होने लग जाता है, तो आपको खुजली महसूस होती है।
  • पेट फूला हुआ महसूस होना: यह आसपास के अंगों पर ट्यूमर के दबाव के कारण अनुभव होता है। 
  • पेट दर्द: आमतौर पर पित्त नली के कैंसर के एडवांस चरणों में यह लक्षण दिखाई देता है। 
  • मतली और/या बुखार: पित्त नली में रुकावट या बिलीरुबिन के निर्माण के कारण होने वाला संक्रमण, कोलिन्जाइटिस, के कारण आपको बुखार और मतली महसूस हो सकते हैं। 

इस कैंसर के अन्य लक्षणों में भूख कम होना, वजन कम होना, मल या मूत्र में बदलाव (हल्के रंग का मल और गहरे रंग का मूत्र) भी शामिल हैं। 

 

क्या आपको बाइल डक्ट के कैंसर का खतरा है? 

 

पित्त नली का कैंसर एक अत्यंत दुर्लभ कैंसर है, लेकिन इसके बारे में जागरूक रहना ही आपको और आपके प्रियजनों को सुरक्षित रख सकता है। आपको पित्त नली के कैंसर का खतरा हो सकता है यदि आपको

  • प्राइमरी स्क्लेरोज़िंग कोलिन्जाइटिस, यह स्थिति आपके पित्त नलिकाओं के सख्त होने और स्कैरिंग का कारण बनती है। 
  • क्रोनिक लिवर रोग, जो कई जीवनशैली और आहार संबंधी चुनाव जैसे अत्यधिक शराब पीने के कारण हो सकता है। 
  • जन्म से ही बाइल डक्ट की समस्याएँ, जैसे कोलेडोकल सिस्ट जो पित्त नलिकाओं के अनियमित और चौड़े होने का कारण बनती है। 
  • लीवर परजीवी, जो कच्ची या बिना पक्की या अधपकी मछली के सेवन से शरीर में प्रवेश कर सकता है।

 

पित्त नली के कैंसर के अन्य जोखिम कारकों में 50 वर्ष से अधिक उम्र होना, या लंबे समय तक अत्यधिक धूम्रपान करना शामिल होते हैं। 

 

आप बाइल डक्ट के कैंसर का इलाज और रोकथाम कैसे कर सकते हैं? 

 

चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा कैंसर के लिए प्रिसिजन-उपचार तकनीकों पर लगातार विभिन्न शोध किए जा रहे हैं, और इसकी मदद से पित्त नली के कैंसर सहित कई कैंसर के उपचार में ठोस लाभ देखे गये हैं।

 

पित्त नली के कैंसर के लिए मौजूद अन्य उपचार विधियों में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, और सहायक और पैलियेटिव थेरेपी शामिल हैं। हालाँकि, यदि कैंसर का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो ये उपचार सबसे प्रभावी होते हैं। 

 

किसी भी प्रकार के कैंसर से बचने के लिए इसको होने से रोकना सबसे प्रभावी और पहला कदम होता है। इसके लिए निम्न टिप्स सहायक हो सकते हैं:

  • धूम्रपान का सेवन तुरंत बंद कर दें, क्योंकि इससे कोलेंजियोकार्सिनोमा विकसित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 
  • वजन नियंत्रित रखना और स्वस्थ आहार ख़ाना और अत्यधिक शराब के सेवन से बचना लिवर की कई बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। 

 

कैंसर की खबर से संभलना कोई आसान काम नहीं होता है। हालाँकि, इस दौरान देखभाल और सहायता हमेशा उपलब्ध मिलती है। यदि आपको ऊपर बताए गए संकेत और लक्षण में कोई भी दिखाई दें, तो अपने डॉक्टर तुरंत से परामर्श करें और आवश्यक जांच करवाएं।

 

This blog is a Hindi version of an English-written Blog - Cholangiocarcinoma: What Are The About Signs & Symptoms Of Bile Duct Cancer

Medanta Medical Team
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