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महिला या पुरुष, किसे हार्ट अटैक का खतरा अधिक?

महिला या पुरुष, किसे हार्ट अटैक का खतरा अधिक?
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दुनिया भर में हृदय रोग मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है, लेकिन पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है, जिसके मुख्य जोखिम कारक उम्र, धूम्रपान, अधिक अल्कोहल सेवन, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, और डायबिटीज की स्थिति होती है। महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर पुरुषों से अलग होते हैं और वे अधिक गंभीर हो सकते हैं, जिससे उन्हें पहचानने में कठिनाई हो सकती है।

ह्रदय रोग के प्रकार

हृदय रोग कई प्रकार के होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • कोरोनरी हृदय रोग: यह हृदय रोग का सबसे आम प्रकार है, जो हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में रुकावट के कारण होता है।

  • स्ट्रोक: यह तब होता है जब मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिका अवरुद्ध या फट जाती है।

  • जन्मजात हृदय रोग: यह जन्म से मौजूद हृदय की संरचना में दोष के कारण होता है।

  • हृदय वाल्व रोग: यह हृदय वाल्वों की क्षति के कारण होता है, जो हृदय के कक्षों के बीच रक्त के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं।

हार्ट अटैक क्या होता है

हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति अचानक बंद हो जाती है। यह आमतौर पर कोरोनरी धमनियों में रुकावट के कारण होता है, जो हृदय को रक्त की आपूर्ति करती हैं। रुकावट रक्त के थक्के या प्लाक के जमाव के कारण हो सकती है।

हार्ट अटैक के कारण

हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल: उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर धमनियों में प्लाक के जमाव का कारण बन सकता है।

  • उच्च रक्तचाप: उच्च रक्तचाप हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है।

  • धूम्रपान: धूम्रपान धमनियों को नुकसान पहुंचाता है और रक्त के थक्के बनने का खतरा बढ़ाता है।

  • मधुमेह: मधुमेह हृदय रोग के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। विभिन्न शोध में पाया गया है कि टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में उन लोगों की तुलना में साइलेंट हार्ट अटैक की संभावना दोगुनी होती है, जिन्हें मधुमेह नहीं है।

  • मोटापा: मोटापा हृदय रोग के जोखिम को काफ़ी हद तक बढ़ाता है।

  • असक्रिय जीवनशैली: शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहने से आपकी धमनियों में वसायुक्त पदार्थ जमा हो सकता है, जो हृदय रोग के लिए एक जोखिम कारक है।

  • परिवार का इतिहास: यदि आपके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो आपको हृदय रोग का खतरा अधिक होता है।

महिला या पुरुष किसमें हार्ट अटैक का खतरा अधिक?

आमतौर पर, पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा महिलाओं की तुलना में अधिक होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में धूम्रपान, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होता है। लेकिन, रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। रजोनिवृत्ति के बाद, महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है, जो धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हृदय रोग के कुछ लक्षणों का अनुभव करने की संभावना कम होती है, जैसे कि सीने में दर्द। इसके परिणामस्वरूप, महिलाओं को हार्ट अटैक होने की संभावना अधिक होती है और महिलाओं को हार्ट अटैक से मरने की संभावना भी अधिक होती है।

हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं भिन्न

पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण भिन्न हो सकते हैं। पुरुषों को सीने, गर्दन, पीठ, या बांह में दर्द या जकड़न, सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना जैसे लक्षण अधिक आम हैं। हालांकि, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर कम विशिष्ट होते हैं और इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • थकान: यह हार्ट अटैक का एक बहुत ही आम लक्षण है, खासकर महिलाओं में।

  • ऊपरी शरीर में दर्द या बेचैनी: यह सीने में, कंधे में, पीठ में, गर्दन में, या जबड़े में हो सकता है।

  • मतली या उल्टी: यह हार्ट अटैक का एक कम आम लक्षण है, लेकिन यह महिलाओं में अधिक आम है।

  • चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ: ये ल̱क्षण महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान भी हो सकते हैं।

  • पेट में दर्द: महिलाओं को हार्ट अटैक के दौरान पेट में दर्द का अनुभव हो सकता है, जिसे वे अपच या गैस समझ सकती हैं।

  • अस्पष्ट चिंता: महिलाओं को हार्ट अटैक के दौरान अस्पष्ट चिंता या बेचैनी का अनुभव हो सकता है।

हार्ट अटैक और मौत का जोखिम

हार्ट अटैक के बाद महिलाओं में मृत्यु का जोखिम पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। ऐसा कई कारणों से हो सकता है, जिनमें शामिल हैं:

  • देर से पहचान: महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर कम विशिष्ट होते हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें देर से पहचाना जा सकता है।

  • कम इनवेसिव उपचार: अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम इनवेसिव उपचार मिल सकते हैं, जैसे कि एंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी।

  • अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियां: महिलाओं में मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियां अधिक आम हैं, जो हार्ट अटैक के बाद मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

क्या है विशेषज्ञों की सलाह

हृदय रोग को रोकने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें शामिल हैं:

  • स्वस्थ भोजन करना: कम वसा, कम कोलेस्ट्रॉल वाला आहार खाएं जिसमें भरपूर फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों।

  • नियमित व्यायाम करना: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाला व्यायाम करें।

  • अपने वजन को बनाए रखना: यदि आप अधिक वजन वाले या मोटे हैं, तो वजन कम करने से हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

  • धूम्रपान न करें: धूम्रपान हृदय रोग के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने से आपके हृदय स्वास्थ्य में सुधार होगा।

  • तनाव प्रबंधन: तनाव हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। तनाव प्रबंधन तकनीक सीखना, जैसे कि योग या ध्यान, आपके हृदय स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।

  • अपने डॉक्टर से नियमित रूप से जांच कराएं: अपने डॉक्टर के साथ नियमित जांच करवाएं ताकि आप अपने हृदय रोग के जोखिम कारकों से अवगत रह सकें।

इसके अलावा, महिलाओं को विशेष रूप से रजोनिवृत्ति के बाद अपने हृदय रोग के जोखिम के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

आपातकालीन चेतावनी संकेत

हार्ट अटैक के दौरान तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आपको या किसी परिचित को नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी अनुभव हो रहा है, तो तुरंत 108 या अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें:

  • सीने में दर्द, जकड़न, दबाव या असुविधा

  • एक या दोनों बाहों में दर्द या बेचैनी

  • पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द या बेचैनी

  • सांस लेने में तकलीफ

  • मतली या उल्टी

  • अत्यधिक पसीना आना

  • अचानक कमजोरी या चक्कर आना

  • अस्पष्ट चिंता

इन चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें। जितनी जल्दी आप इलाज लेंगे, उतना ही बेहतर होगा।

हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए महिलाओं के लिए अतिरिक्त सुझाव

  • नींद: अच्छी नींद ह्रदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। वयस्कों को हर रात 7-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए।

  • दांतों का स्वास्थ्य: मसूड़ों की बीमारी जैसी दंत चिकित्सा समस्याएँ हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। अपने दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाएं।

  • मानसिक स्वास्थ्य: अवसाद और चिंता हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। यदि आप मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत उपचार लें।

निष्कर्ष 

हृदय रोग से बचाव ही इसका सबसे अच्छा इलाज है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, अपने हृदय रोग के जोखिम कारकों को जानकर और डॉक्टर के साथ नियमित रूप से जांच कराकर आप हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं। यदि आपको लगता है कि आपको हार्ट अटैक हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। जल्दी उपचार लेने से आपके ठीक होने की संभावना बढ़ सकती है।

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