माइग्रेन से ग्रसित होने के क्या होते हैं लक्षण
Published on: Dec 20, 2022
माइग्रेन मूल रूप से मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी होती है जो सर के दर्द के रूप में होती है लेकिन ये आम सिर दर्द से काफी जुदा होती है । इस बीमारी में सिर का दर्द इस हद तक बढ़ जाता है कि सह पाना काफी मुश्किल होता है। आमतौर पर माइग्रेन का दर्द आधे सिर में होता है लेकिन कई लोगों को पूरे सिर में भी माइग्रेन का दर्द होता है।
सिर दर्द और माइग्रेन कैसे हैं भिन्न
आमतौर पर लोगों को सिर दर्द की समस्या हो जाती है कई बार ऑफिस में कार्य करने वाले वर्किंग लोगों को निरंतर कंप्यूटर के आगे बैठने से भी सिर दर्द हो जाता है लेकिन सिर दर्द और माइग्रेन में काफी भिन्नता होती है सिर का दर्द ज्यादातर कुछ मिनट या फिर घंटे तक ही आपको परेशान कर सकता है लेकिन माइग्रेन का दर्द ऐसा होता है जिसमें इंसान के लिए सिरदर्द को सह पाना काफी मुश्किल हो जाता है यही नहीं माइग्रेन के दर्द से दैनिक चर्या के काम भी बाधित हो सकते हैं क्योंकि यह दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि इंसान किसी काम को करने की स्थिति में नहीं रहता और माइग्रेन की वजह से आपको बार-बार सिरदर्द होता है और इससे दिनचर्या प्रभावित होती है। यही नहीं आम तौर पर सामान्य सिर का दर्द आपको जागी हुई अवस्था में ही होता है लेकिन माइग्रेन का दर्द मुख्य तौर पर निद्रा की अवस्था में ही होता है जो आपको गहरी नींद से भी जगा सकता है।
माइग्रेन के कारण-
ऐसा माना जाता है कि माइग्रेन दिमाग में नाड़ियों, रसायन और रक्त कोशिकाओं में कुछ समय के लिए होने वाले परिवर्तन की वजह से होता है जिस कारण सिर में काफी दर्द होता है जो असहनीय होता है ऐसी स्थिति में इंसान को कई बार प्रकाश व तेज़ आवाज से दिक्कत होती है या फिर उल्टी आने को भी होती है।
माइग्रेन के अलग-अलग चरण
1- प्रोड्रोम- माइग्रेन की इस अवस्था में व्यक्ति को माइग्रेन होने से कुछ दिन पहले ही शरीर में बदलाव देखने को मिल जाते हैं जैसे ऐसी स्थिति में कब्ज की शिकायत रहती है या फिर बार-बार प्यास लगना और पेशाब जाना या फिर गर्दन में अकड़न भी माइग्रेन के प्रोड्रोम चरण की ओर इशारा करते हैं।
2-औरा- माइग्रेन का दर्द वैसे तो कभी भी उठ जाता है लेकिन औरा माइग्रेन का ऐसा चरण है जिसमें आमतौर पर पहले ही या फिर माइग्रेन के दौरान ही इंसान को परेशानी होने लगती है जैसे कि जिगजैग विजन या फिर हल्का दिखने के साथ ही रौशनी से भी तकलीफ होने लगती है।
3- अटैक- माइग्रेन के इस चरण में मरीज के आधे सिर में या फिर दोनों तरफ असहनीय दर्द होता है और यदि व्यक्ति किसी मनोचिकित्सक से इलाज नहीं करवाता है तो ऐसे में इसका प्रभाव लगभग 4 घंटे से लेकर 3 दिन तक मरीज को परेशान कर सकता है। इसको पहचानने के कई लक्षण होते हैं जैसे इस अवस्था में मरीज को बेहोशी, उल्टी या फिर प्रकाश से दिक्कत होने लगती है। ऐसी स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द डॉक्टर के पास ले जाना आवश्यक होता है।
4- पोस्ट ड्रोम- पोस्ट ड्रोम माइग्रेन का अंतिम चरण होता है जिसमें मरीज को तेज आवाज से या फिर चमकीली चीजों से दिक्कत होने लगती है। इसके साथ ही मरीज कमजोरी और थकान महसूस करता है।
माइग्रेन के लक्षण
सामान्य सिर दर्द या फिर माइग्रेन इसका पता लगाना काफी मुश्किल काम होता है क्योंकि आमतौर पर इंसान को सिर दर्द की परेशानी हो ही जाती है लेकिन माइग्रेन के लक्षणों की बात करें तो इसमें काफी भिन्नता होती है, जैसे-
1- नज़र में दिक्कत- माइग्रेन में सबसे पहले जो लक्षण दिखाई देते हैं वह आंखों में नज़र आते हैं। जैसे माइग्रेन के समय आंखों में विजुअल डिस्टरबेंस होने लगता है जिसको सामान्य तौर पर समझने का प्रयास करें तो इसमें मरीज को या तो धुंधला दिखाई देता है या फिर जिगजैग सा दिखाई देता है।
2- उल्टी या फिर जी मिचलाना- आमतौर पर माइग्रेन का दर्द इतना ज्यादा होता है कि मरीज को उस दौरान उल्टी या फिर जी मिचलाने की शिकायत भी हो जाती है जिससे पता लगाया जा सकता है कि यह आम सिर दर्द है या फिर माइग्रेन का दर्द।
3- प्यास लगना और बार बार पेशाब की दिक्कत होने- माइग्रेन के दर्द के दौरान मरीज को अत्यधिक प्यास लगती है जिसमें पानी पीने की वजह से बार-बार पेशाब की दिक्कत भी बढ़ जाती है।
4- गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ना- माइग्रेन के दर्द के दौरान मरीज को अत्यधिक दर्द होने की वजह से गुस्सा और चिड़चिड़ापन हो जाता है जिस कारण वह उस समय किसी से बात करना पसंद नहीं करता है।
5- चक्कर व लो ब्लड प्रेशर की शिकायत- माइग्रेन की एक और पहचान भी होती है जिसमें मरीज को चक्कर आने लगते हैं यही नहीं माइग्रेन के दर्द के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर भी लो हो जाता है जिसकी वजह से मरीज थकान व असंतुलित महसूस करने लगता है।
6- तेज़ आवाज़ व बोलने में परेशानी- दर्द के दौरान मरीज को तेज आवाज या फिर चमकीली चीज देख कर भी काफी दिक्कत होने लगती है यही नहीं माइग्रेन के दर्द के दौरान मरीज को बोलने में भी काफी परेशानी होती है जिस कारण मरीज ज्यादातर केस में माइग्रेन के दर्द के दौरान कम बोलता है।
तो ये हमने आपको बताएं माइग्रेन के कुछ लक्षण लेकिन आपके लिए ये जानना भी बेहद जरुरी है की सामान्य सी दिखने देने वाली माइग्रेन की बिमारी आपके लिए काफी घातक साबित हो सकती है और इसके साथ कई प्रकार के जोखिम से जुड़े हुए हैंI यदि माइग्रेन का समय से इलाज नहीं कराया गया या फिर ढिलाई बरती गई तो माइग्रेन के अलावा भी आप कई और बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं जैसे ब्रेन स्ट्रोक, पेट में दर्द जैसी बीमारियां लापरवाही के कारण पनप सकती है यही नहीं इसके अलावा कई और परेशानियां भी माइग्रेन की वजह से पनप सकती है जैसे कि रात में नींद नहीं आना अत्यधिक दर्द की वजह से धूम्रपान की लत लगने जैसी बुरी आदतें भी आपको अपनी आगोश में लेकर और ज्यादा जोखिम में डाल सकती है इसीलिए यदि आपको या आपके किसी परिचित को इन लक्षणों में से किसी भी प्रकार की शिकायत दिखाई देने लगे तो जल्द ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें और जल्द से जल्द इलाज शुरू करवाएं।
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