पुरुषों में हर्निया के ख़तरे को रोकने के 6 तरीक़े
Published on: Apr 29, 2023
आमतौर पर किसी व्यक्ति में हर्निया तब उत्पन्न होता है जब कोई अंग या ऊतक उसको अपने स्थान पर रखने वाली मांसपेशी को धक्का और फाड़ कर बाहर निकलता है। एक बार बनने के बाद हर्निया स्वयं ठीक नहीं होते हैं और इनको चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता होती है। सबसे खराब स्थिति में, गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए डॉक्टर हर्निया के इलाज के लिए सर्जरी की सलाह देते हैं।
हालाँकि, सभी प्रकार के हर्निया की रोकथाम संभव नहीं है। कुछ कारक जैसे पेट की पूर्व सर्जरी या मांसपेशियों की कमजोरी आपके हर्निया उत्पन्न होने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
हालाँकि इंग्विनल हर्निया, जो हर्निया का सबसे आम प्रकार है, को बनने से रोका जा सकता है। इंग्विनल हर्निया तब बनता है जब आंत का एक हिस्सा मांसपेशियों की कमजोरी, पेट से दबाव, या दोनों के कारण कमर क्षेत्र में एक मांसपेशी के मध्य से बाहर निकल जाता है। मांसपेशियों की कमजोरी को सही करने के लिए ज़्यादा कुछ उपचार नहीं है, परंतु पेट पर दबाव को कम किया जा सकता है, और इस तरह इंग्विनल हर्निया होने के आपके जोखिम को कम किया जा सकता है।
पुरुषों में इंग्विनल हर्निया को रोकने के कुछ तरीके निम्न हैं:
अपने वजन को नियंत्रित रखें: अधिक वजन होने पर हर्निया होने का खतरा अधिक हो जाता है क्योंकि शरीर की अतिरिक्त चर्बी आपके पेट पर दबाव डाल सकती है। रोज़ाना व्यायाम आपको वजन कम करने में मदद कर सकता है। हालाँकि, कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें कि कौन सा व्यायाम आपके लिए अच्छा रहेगा क्योंकि कुछ व्यायाम हर्निया के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। योग, हल्का वजन उठाना, साइकिल चलाना और पिलेट्स जैसे व्यायाम आमतौर पर हर्निया में सुरक्षित माने जाते हैं।
व्यायाम करते वक़्त सावधानी बरते: कुछ व्यायाम, जैसे स्क्वैट, आपके पेट पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, इसलिए उन्हें करने से बचना अपने जोखिम को कम करने का महत्वपूर्ण उपाय है। इसके साथ-साथ, तेज़ गति या हाई-इंटेसिटी व्यायाम भी आपके हर्निया के बनने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। यदि आप नये प्रकार के व्यायाम को करने की सोच रहे है तो उससे पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
भारी वजन उठाने से बचें: भारी वजन उठाने से आपके पेट की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। यदि आपको भारी वजन उठाना ज़रूरी हो तो अपनी कमर के सहारे से उठाने की बजाय घुटनों के बल नीचे झुक कर उठायें। यदि कोई वस्तु अत्यधिक भारी है तो उसे उठाने से बचें।
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करे: अगर आपको कब्ज है तो मल त्याग के समय यह आपके पेट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है और आपके हर्निया के जोखिम को बढ़ा सकता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे साबुत अनाज, ताज़े फल (केले, सेब, संतरा), सब्ज़ियाँ और मेवे खाने से नियमित रूप से मल त्याग करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, खूब पानी पीने से भी कब्ज की समस्या में राहत मिलती है।
प्रोस्टेट वृद्धि की स्थिति पर नज़र रखें: जब आपके प्रोस्टेट बढ़े हुए होते हैं तो आपको बार-बार और तत्काल पेशाब करने की ज़रूरत महसूस होती है। इसके अलावा, कई बार व्यक्ति को पेशाब शुरू करने में कठिनाई हो सकती है या कई बार पेशाब करने के बाद भी मूत्राशय पूरी तरह से खाली नहीं होने का एहसास हो सकता है। यह सब कारण पेशाब के दौरान खिंचाव पैदा करके पेट पर दबाव बढ़ा सकते हैं। ज्यादातर पुरुष उम्र बढ़ने के साथ बढ़े हुए प्रोस्टेट की समस्या का सामना कर सकते हैं। हर्निया के जोखिम को कम करने के लिए मल त्याग के दौरान या पेशाब करते समय अधिक जोर लगाने से बचें।
लगातार हो रही खांसी या छींक का तुरंत इलाज करें: खाँसने और छींकने दोनों से ही पेट पर दबाव पड़ता हैं। यदि आपको एलर्जी या किसी अन्य संक्रमण के कारण लगातार खाँसी या छींक आ रही हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएँ। डॉक्टर आपको धूम्रपान ना करने की सलाह भी देते है क्योंकि इससे खांसी हो सकती है।
यदि हर्निया का उचित इलाज समय पर ना किया जाये तो मांसपेशियों के बीच अंग या ऊतक फंस सकते हैं और रक्त प्रवाह खो सकते हैं। इससे स्ट्रैंग्युलेशन कहते है, जिसके कारण ऊतक मर सकते हैं या संक्रमित हो सकते हैं, जिससे परिणामस्वरूप शरीर के भीतर गंभीर जटिलताएँ पैदा हो सकती हैं। इसलिए, यदि आपको हर्निया का संदेह है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हर्निया के प्रमुख लक्षणों में पेट में अचानक, गंभीर दर्द, उल्टी और कब्ज शामिल हैं। हर्निया के आसपास के क्षेत्र में व्यक्ति को सूजन और दर्द भी महसूस हो सकता है।
अपने लक्षणों को सही तरह से पहचानना हर्निया की पहचान करने और उसका इलाज करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह हमेशा ध्यान रखें कि हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता है और उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।
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