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सबएरकनोइड हेमरेज: लक्षण, कारण, निदान और उपचार

सबएरकनोइड हेमरेज: लक्षण, कारण, निदान और उपचार

स्ट्रोक का एक प्राण-घातक प्रकार, सबएरकनोइड हेमरेज (एसएएच), मस्तिष्क के आस-पास के क्षेत्र में रक्तस्राव की वजह से होता है। फटी हुई धमनीस्फीति या एन्यूरिज्म, एक एवीएम (arteriovenous malformation), या सिर में चोट, ये सभी एसएएच का कारण हो सकते हैं। फटी हुई सेरिब्रल एन्यूरिज्म सबएरकनोइड हेमरेज का सबसे आम कारण होती है। मस्तिष्क को रक्त पहुँचाने वाली एक धमनी की दीवार में एक उभरे हुए, कमजोर क्षेत्र को मस्तिष्क (सेरिब्रल) एन्यूरिज्म कहा जाता है। रक्तस्राव की गंभीरता के आधार पर, मस्तिष्क में स्थायी क्षति या जीवन की हानि की संभावना निश्चित होती है। 

 

सेरिब्रल एन्यूरिज्म और उसके फटने (rupture) के क्या कारण हो सकते हैं?

 

सेरिब्रल एन्यूरिज्म होने का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, सेरिब्रल धमनियों में एन्यूरिज्म जन्मजात नहीं होते हैं, लगभग हमेशा जन्म के पश्चात के वर्षों में विकसित होती हैं, आमतौर पर जीवन के दूसरे दशक के बाद। वे लोग जिनके परिवार में मस्तिष्क एन्यूरिज्म का इतिहास मौजूद होता है, उनमें तुलनात्मक रूप से सेरिब्रल एन्यूरिज्म होने की अधिक संभावना होती है।

  • लिंग: महिलाओं में सेरिब्रल एन्यूरिज्म विकसित होने या सबएरकनोइड हेमरेज (एसएएच) होने की संभावना अधिक होती है।
  • उच्च रक्तचाप: उच्च रक्तचाप के इतिहास वाले व्यक्तियों में सबएरकनोइड हेमरेज (एसएएच) की संभावना अधिक होती है।
  • धूम्रपान: उच्च रक्तचाप के अलावा, सिगरेट पीना भी एन्यूरिज्म की संभावना को काफी गुणा बढ़ा सकता है।

 

सेरिब्रल एन्यूरिज्म के क्या लक्षण हैं?

सेरिब्रल एन्यूरिज्म के लक्षणों में शामिल हैं:

  • अचानक तेज़ सिरदर्द शुरू होना
  • मतली और उल्टी
  • गर्दन में अकड़न होना 
  • धुंधली या दोहरी दृष्टि
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • बेहोश होना 
  • मिर्गी के दौरे (Seizures)

 

 ब्रेन एन्यूरिज्म का निदान कैसे किया जाता है?

आमतौर पर, डॉक्टर मस्तिष्क एन्यूरिज्म के निदान के लिए एमआरआई स्कैन और एंजियोग्राफी (एमआरए), या सीटी स्कैन और एंजियोग्राफी (सीटीए) का उपयोग करते हैं।

  • कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) विशेष रूप से मस्तिष्क के आस-पास के क्षेत्र में या उसमें शुरुआती हेमरेज (रक्तस्राव) की जांच के लिए उपयुक्त परीक्षण होता है। शुरुआती चरण के हेमरेज प्लेन सीटी जांच में अत्यधिक घना (सफेद) दिखाई देते हैं। सीटीए (सीटी एंजियोग्राफी) रक्त वाहिनियों की तस्वीरें प्रदर्शित करता है और यह एन्यूरिज्म की जांच के लिए उपयुक्त परीक्षण होता है।
  • मैग्नेटिक रिजनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन और एमआरए (मैग्नेटिक रिजनेंस एंजियोग्राम): सीटी सामान्य दिख सकता है, जब सिरदर्द के कुछ दिनों बाद किया जाता है। उन मामलों में एमआरआई, सबएरकनोइड हेमरेज (एसएएच) का निदान करने में सहायक होती है। एक एमआरए सीटी एंजियोग्राफी की तरह ही नॉन इनवेसिव जांच होती है, जो रक्त वाहिकाओं की जांच करता है।
  • कटि क्षेत्र का पंचर (lumbar puncture) एक इनवेसिव तकनीक होती है जिसमें स्पाइनल कैनाल के सबएरकनोइड क्षेत्र में एक खोखली सुई डाली जाती है ताकि मस्तिष्क द्रव (cerebrospinal fluid) में रक्त की उपस्थिति की जाँच कि जा सके।
  • डायग्नोस्टिक सेरेब्रल वेसल एंजियोग्राफी रक्त वाहिकाओं का एक स्वर्ण मानक परीक्षण माना जाता है। यह हृदय एंजियोग्राफी के समान ही होता है। इस प्रक्रिया में एक कैथेटर को पैर की धमनियों (फ़ेमोरल धमनी) में से एक धमनी में डाला जाता है और आंतरिक रूप से गर्दन की रक्त वाहिकाओं से निकाला जाता है। कैथेटर एक बार जब अपने उचित स्थान पर पहुँच जाता है, तब कंट्रास्ट डाई डाली जाती है और एक्स-रे द्वारा विभिन्न छवियाँ ली जाती हैं। यह दर्द रहित और बेहद सुरक्षित प्रक्रिया होती है।

 

सेरिब्रल एन्यूरिज्म का इलाज कैसे किया जाता है?

  • आपके के लिए सर्वोत्तम उपचार तय करने से पहले आपका डॉक्टर कई कारकों पर विचार करेगा।
  • विभिन्न कारक जो उपचार के प्रकार को निर्धारित करते हैं, उनमें रोगी की उम्र, एन्यूरिज्म की आकृति और संरचना, कोई अतिरिक्त जोखिम कारक और रोगी का समग्र स्वास्थ्य शामिल होते हैं।

सेरिब्रल एन्यूरिज्म के प्रबंधन में शामिल हैं:

  • पुनः रक्तस्राव की रोकथाम के उपचार
  • श्वास और महत्वपूर्ण क्रियाओं (जैसे कि रक्तचाप) को सामान्य बनाये रखने के लिए गहन देखभाल मॉनिटरिंग।
  • मस्तिष्क की धमनियों के संकुचन (vasospasm), संक्रमण और हाइड्रोसेफालस (मस्तिष्क तरल पदार्थ में वृद्धि) की मॉनिटरिंग।
  • रोगी की न्यूरोलॉजिकल स्थिति के आधार पर दीर्घकालिक अस्पतालीकरण और रेहबिलिटेशन योजना।

 

पुनः रक्तस्राव को रोकने के लिए उपचार के प्रकार:

एन्यूरिज्म के उपचार में उत्पन्न होने वाली पुनः रक्तस्राव की स्थिति को रोकने के लिए दो प्रकार के उपचार मौजूद हैं, जो हैं:

  • सर्जिकल क्लिपिंग: इस प्रक्रिया में एक छोटी सी धातु की क्लिप का उपयोग एन्यूरिज्म में जाने वाले रक्त के प्रवाह को रोकने के लिए किया जाता है। क्लिपिंग प्रक्रिया जनरल एनेस्थीसिया के अंतर्गत होती है और फिर मस्तिष्क में एन्यूरिज्म तक पहुँचने के लिए खोपड़ी में एक छेद बनाने के लिये क्रैनियोटॉमी (खोपड़ी के एक हिस्से को सर्जरी द्वारा हटाना) की जाती है। क्लिप को एन्यूरिज्म की गरदन (opening) पर लगाते हैं, ताकि इसमें रक्त की प्रवाह को अवरुद्ध किया जा सके, और यह मस्तिष्क के अंदर ही रहता है। इस प्रक्रिया को एक न्यूरोसर्जन करता है।
  • एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग: यह एन्यूरिज्म के उपचार की एक कम आक्रामक (less invasive) प्रक्रिया होती है। पिछले दशक से, एन्यूरिज्म की एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग रक्तस्राव की रोकथाम के लिए सर्जिकल क्लिपिंग के स्थान पर एक पसंदीदा इंटरवेंशन बन गया है।

 

सेरिब्रल एन्यूरिज्म के लिए फ्लो डायवर्टर उपचार

फ्लो डायवर्टर लगाने के संकेतक मुख्यतः एक्यूट फटने वाले एन्यूरिज्म हैं, जो बढ़ते हुए ब्लिस्टर और जटिल विशाल और डाइसेक्टिंग एन्यूरिज्म होते हैं। यह एक ऐसा उपकरण होता है जो एन्यूरिज्म से रक्त प्रवाह को दूर दिशा में पुनर्निर्देशित करता है और नियोइन्टिमाइजेशन को प्रोत्साहित करता है, अर्थात् एन्यूरिज्म की गरदन में धमनी में नई परत के बनने को प्रोत्साहित करता है, जिससे एन्यूरिज्म में थक्का बनने (thrombosis) को बढ़ावा देता है। चूँकि इस प्रक्रिया से पहले व्यक्ति में एंटीप्लेटलेट दवा (रक्त को पतला करने वाली दवा) की प्रीऑपरेटिव लोडिंग खुराक दी जाती है, अतः इसमें सामान्य एन्यूरिज्म कोइलिंग की तुलना में थोड़ी सी अधिक जोखिम होता है।

 

इलाज के बाद डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

आप डॉक्टर से निम्नलिखित किसी भी समस्या के महसूस होने पर तुरंत संपर्क करें:

  • चेहरे, हाथ या पैर में अचानक सुन्नता या कमजोरी महसूस होना, खासकर शरीर में एक तरफ
  • अचानक भ्रम होना, बोलने या समझने में परेशानी आना 
  • देखने में अचानक दिक़्क़त महसूस होना
  • चलने में अचानक परेशानी, चक्कर आना, संतुलन या समन्वय की हानि होना 
  • बिना किसी ज्ञात कारण के अचानक गंभीर सिरदर्द होना 

 

रिकवरी

  • सबएरकनोइड हेमरेज (एसएएच) एक प्राण-घातक बीमारी होती है, लेकिन यदि समय पर इसका उपचार किया जाता है और मस्तिष्क को स्थायी क्षति नहीं होती है, तो मरीज अच्छे से रिकवर हो जाता है और सामान्य जीवन यापन करता है। 
  • आखिरी रिकवरी मरीज़ों पर निर्भर करती हैं, और यह मुख्य रूप से प्रारंभिक एसएएच की गंभीरता और वैसोस्पास्म के प्रति प्रतिक्रिया की मात्रा पर निर्भर करती है।
  • रक्तस्राव या उपचार के परिणामस्वरूप एसएएच रोगियों को अल्पकालिक और/या दीर्घकालिक विभिन्न कमियों का सामना करना पड़ सकता है। 
  • मस्तिष्क की चोट या उपचार के कारण रोगियों को कई सामान्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें सोचने और स्मृति में कठिनाइयों के साथ शारीरिक सीमाएँ भी शामिल हैं। इन में से कुछ कमियाँ उचित उपचार और चिकित्सा के साथ ठीक हो सकती हैं।
  • एसएएच की रिकवरी प्रक्रिया लंबी होती है, और मरीज को फिर से सामान्य रूप से कार्य करने में हफ्तों, महीनों या वर्षों का समय लग सकता है।

 

फॉलो-अप  

मरीज को 7 दिन और 1 महीने के बाद ओपीडी में चिकित्सीय फॉलो-अप की आवश्यकता होगी। डॉक्टर एंजियोग्राफिक परिणामों के आधार पर 6 महीने या एक वर्ष में मस्तिष्क वाहिकाओं की एंजियोग्राफी की जांच करवाने की सलाह देते हैं।

 

This blog is a Hindi version of an English-written Blog - Subarachnoid Hemorrhage: Symptoms, Causes, Diagnosis and Treatment

 
Dr. Rishabh Kedia
Neurosciences
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