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मतली और उल्टी: इसके कारण, उपचार और विभिन्न जटिलताएँ

उल्टी और मतली के कुछ संभावित कारणों में संक्रमण (पेट फ्लू), फ़ूड पॉइजनिंग, सफर में जी मिचलाना (motion sickness), ज्यादा खाना, आँत बंद होना, बीमारी, सिर पर चोट या मस्तिष्क की क्षति, अपेंडिसाइटिस, और माइग्रेन शामिल हैं। कई बार, उल्टी और मतली शरीर में मौजूद कुछ गंभीर समस्याओं को इंगित करते हैं, जैसे हार्ट अटैक, किडनी या लिवर बीमारी, सेंट्रल नर्वस सिस्टम की समस्या, मस्तिष्क ट्यूमर या कैंसर। उल्टी के इलाज के कई विकल्प मौजूद हैं, जो सामान्यतः वयस्क और बच्चों दोनों को प्रभावित करते हैं। कुछ घरेलू विकल्प जैसे हल्का ख़ाना, बिना तला भुना और बिना मसाले के भोजन का सेवन करना और बर्फ जैसे ठंडे पेय पीने से मदद मिल सकती है। 

 

जी मिचलाना और उल्टी में क्या अंतर होता है? 

 

मतली एक असहजता का अनुभव होता है, जो अक्सर उल्टी करने की प्रबल इच्छा के साथ होता है। उल्टी एक व्यक्ति के पेट में मौजूद सामग्री को आवश्यकतानुसार या बिना इच्छा के मुँह से बाहर निकलना होता है।

 

उल्टी के कुछ संभावित कारण में शामिल निम्नलिखित हैं:

  • पाचन तंत्र (संक्रमण, क्षति और भोजन उत्तेजना)
  • संतुलन (vestibular) (चक्कर और घूमने से)
  • सेंट्रल नर्वस सिस्टम (सिर की चोट, मस्तिष्क संक्रमण, ट्यूमर, और माइग्रेन सिरदर्द) 

 

मतली और उल्टी का अनुभव होने की अधिक संभावना किसमें होती है? 

 

छोटे बच्चे और वयस्क दोनों ही मतली और उल्टी के लिए संवेदनशील होते हैं। मतली और उल्टी कैंसर के उपचार, जैसे कि रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी, के सामान्य परिणाम होते हैं। "मॉर्निंग सिक्नेस" शब्द आम तौर पर उन महिलाओं के लिए किया जाता है, जो अपने गर्भावस्था के पहले तिमाही के दौरान मतली और उल्टी महसूस करती हैं। लगभग आधी से लेकर 90% तक महिलाएँ अपनी गर्भावस्था के दौरान उल्टी का अनुभव बताती हैं। 

 

मतली और उल्टी के क्या कारण होते हैं?

 

मतली और उल्टी कोई बीमारी नहीं हैं, बल्कि ये किसी बीमारी के लक्षण होते हैं, जिसमें से मुख्य निम्नलिखित होते हैं:

  • सड़क पर या समुद्र में यात्रा करते समय अस्वस्थ महसूस होना।
  • गर्भावस्था के शुरुआती चरण में (उबकाई 50%-90% गर्भवती माताओं को प्रभावित करती है, जबकि उल्टी 25%-55% को प्रभावित करती है)
  • दवाएँ
  • तेज़ दर्द 
  • मानसिक और भावनात्मक तनाव (जैसे कि डर)
  • गॉलब्लैडर की बीमारी

 

पेट फ्लू का मामला

  • संक्रमण (जैसे "पेट फ्लू")
  • ज़रूरत से ज्यादा भोजन खाना 
  • बदबू से संबंधित प्रतिक्रिया
  • ख़तरनाक हृदय स्थिति
  • मस्तिष्क क्षति या सिर पर चोट
  • मस्तिष्क के ट्यूमर
  • पेट में अल्सर 
  • कई प्रकार के कैंसर
  • मनोवैज्ञानिक विकार जैसे बुलिमिया
  • कुछ स्थितियाँ जैसे बिगड़ी हुई पाचन तंत्र खाली करने की स्थिति (गैस्ट्रोपेरेसिस) (डायबिटीज़ के साथ लोगों में देखी जाने वाला एक स्थिति)
  • पॉइजनिंग या अत्यधिक शराब का सेवन
  • पेट में फुलाव (bloating)
  • अपेंडिसाइटिस 

उम्र-विशिष्ट अंतर उल्टी ट्रिगर करने वालों कारको में से एक हैं। बच्चों में उल्टी के सामान्य कारणों में वायरल संक्रमण, खाद्य विषाक्तता, दूध से एलर्जी, मोशन सिकनेस, ज़्यादा भोजन ख़ाना, अत्यधिक खांसी आना, आँतों में रुकावट और तेज बुखार मुख्य होते हैं। 

 

उल्टी को नियंत्रित करने के लिए क्या किया जा सकता है? 

 

हालाँकि, उल्टी रोकने या इलाज के लिए कई रणनीतियाँ प्रभावी हैं, यदि ये विधियाँ असर नहीं करती हैं, तो एक चिकित्सक से परामर्श करना सबसे अच्छा होता है।

  • बिना रंग और स्वाद के ठंडा पेय पियें।
  • सरल, नीरस भोजन (जैसे कि सैल्टाइन क्रैकर या सादा ब्रेड) का सेवन ही करें।
  • कुछ भी बहुत मीठा, वसीय, या तली हुई चीज़ें खाने से बचें।
  • भोजन को धीरे-धीरे चबा कर खायें और अधिक बार खाएं।
  • ठंडे और गरम खाद्य पदार्थ को एक साथ मिला कर ना खाएं।
  • अपना समय लें और धीरे-धीरे पानी पिएँ।
  • खाना खाने के बाद थोड़ी देर आराम करें।
  • भोजन के तुरंत बाद कभी भी दाँत ब्रश करें।
  • उचित पोषण प्राप्त करने के लिए, हर खाद्य समूह से खाने का सेवन करें।

 

उम्र या कारण चाहे जो भी हो, उल्टी के इलाज के लिए आवश्यक कदम निम्न हैं:

  • धीरे-धीरे और अधिक पानी या अन्य स्पष्ट तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • उल्टी पूरी तरह बंद होने तक कुछ भी ठोस खाद्य पदार्थ खाएं।
  • पर्याप्त आराम करें। 

पेट की जलन और उल्टी को कम करने के लिए, अस्थायी रूप से मौखिक दवाओं का उपयोग बंद करना सबसे अच्छा कदम होता है। 

 

यदि आपको 24 घंटे से अधिक उल्टी और दस्त हो रहे हो तो डीहाइड्रेशन के रोकथाम और उपचार के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सोल्यूशन के सेवन की सलाह दी जाती है। 

 

सर्जरी, विकिरण उपचार, कैंसर-रोधी उपचार, शराब और मॉर्फिन सभी मतली और उल्टी का कारण हो सकते हैं, हालांकि उन्हें अक्सर अन्य दवाओं के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। गर्भावस्था, मोशन सिकनेस और चक्कर के कारण होने वाली मतली और उल्टी के इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई और ओवर--काउंटर दवाएँ मदद करती हैं। हालाँकि, उपरोक्त उपायों को आज़माने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह करना सबसे अच्छा होगा। 

 

मैं बीमार महसूस करने को कैसे कम कर सकता हूँ? 

 

नीचे बताई गई कुछ चीजों से परहेज करने से आपको बेहतर महसूस करने और कम मतली महसूस करने में मदद मिल सकती है

  • दिन में तीन बड़े भोजनों (नाश्ता, दोपहर, और रात का ख़ाना) के बजाय दिन में बार-बार छोटे भोजनों का सेवन करना।
  • भोजन को धीरे-धीरे चबा कर खाना।
  • कठिन पचने वाले भोजन से बचना।
  • जिन व्यक्तियों को खाने की खुशबू से असहजता या उबकाई आती है, उनको गरम खाने की बजाय ठंडे या कमरे के तापमान पर रखे गए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से मदद मिल सकती है।
  • भोजन करने के बाद आराम करते समय अपने सिर को लगभग 12 इंच ऊपर रखकर उल्टी होने से बचें। 

 

यदि आप मतली महसूस करते हुए नींद से उठते हैं, तो बिस्तर से उठने से पहले कुछ स्नैक या क्रैकर खाएँ और सोने से पहले एक उच्च-प्रोटीन का नाश्ता (लीन मांस या पनीर) का सेवन करें। रोज़ाना खाने के बीच में छह से आठ 8 गिलास पानी का सेवन करें (खाने के साथ नहीं), इससे आपको डीहाइड्रेशन के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि संभव हो, तो तब ख़ाना खाने का प्रयास करें जब आपके पेट में कम असहजता महसूस हो। 

 

डॉक्टर से कब सलाह लें? 

 

जब उल्टी और मतली जैसे लक्षण जब पहली बार प्रकट होते हैं, तो यह एक संकेत हो सकता है कि इसकी वजह क्या है। खाने के तुरंत बाद होने वाली मतली या उल्टी मानसिक बीमारी या पेप्टिक अल्सर की तरफ़ इशारा कर सकती है। कुछ फ़ूड पॉइजनिंग के मामलों में, मतली और उल्टी जैसे लक्षण खाने के एक से आठ घंटे बाद दिखाई देते हैं। खाद्य जनित संक्रमण के लिए इनक्युबेशन अवधि विशेष रूप से सालमोनेला के लिए बहुत लंबी होती है।

 

यदि मतली की समस्या निरंतर बरकरार रहती है, खासकर यदि गर्भावस्था हो, तो व्यक्ति को डॉक्टर से तुरंत परामर्श करना चाहिए। अधिकांशतः लक्षणों के शुरू होने के छः से चौबीस घंटे के बाद, अधिकांश लोग अच्छा महसूस करते हैं और बिना चिकित्सा सहायता के उल्टी ठीक हो जाती है।

 

यदि आपने घरेलू नुस्ख़ों का उपयोग किया है और इससे आपको आराम नहीं मिला है, आप डीहाइड्रेशन महसूस कर रहे हैं, या आपको पता है कि मतली का कारण कोई चोट (जैसे सिर की चोट या बीमारी) है, तो आपको डॉक्टर से तुरंत परामर्श करना चाहिए। 

 

नवजात शिशु या छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाना आवश्यक है यदि

  • लंबे समय तक मतली और उल्टी हो रही हो 
  • इसने साथ-साथ दस्त भी हो रहे हो 
  • पानी की कमी के लक्षण दिखाई दे रहे हो 
  • 100 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक तापमान
  • बच्चा छह घंटे से बाथरूम नहीं गया है।

 

यदि आपका बच्चा 6 वर्ष से अधिक उम्र का है और निम्न लक्षण दिख रहे हो तो डॉक्टर के पास ले जाना आवश्यक है:

  • चिड़चिड़ा हो रहा है और खाना नहीं खा रहा है।
  • लंबे समय तक उबकाई, उल्टी और दस्त का अनुभव होना
  • डीहाइड्रेशन के चेतावनी लक्षण दिख रहे हो 
  • तापमान 102 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक है।
  • बच्चा छह घंटे से बाथरूम नहीं गया है।

 

किसी वयस्क को एक दिन से अधिक समय तक लगातार उल्टी होती है, 24 घंटे से अधिक समय तक दस्त और उल्टी होती है, या धीरे-धीरे डीहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दे रहे हो, तो उन्हें डॉक्टर से तुरंत परामर्श करना चाहिए। 

 

यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हो, तो आपको तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए:

  • पेट के भोजन पदार्थ में खून की मौजूदगी ("कॉफ़ी ग्राउंड्स" के रूप में दिखाई देता है)
  • गर्दन दर्द या तेज़ सिरदर्द
  • सुस्ती होना 
  • भ्रम महसूस होना 
  • अनिद्रा
  • पेट में तेज़ दर्द होना 
  • उल्टी के साथ 101 डिग्री से अधिक बुख़ार 
  • बीमार होने के अतिरिक्त, व्यक्ति को दस्त भी है।
  • दिल की धड़कन या साँस तेज़ होना 

 

मतली और उल्टी की जटिलताएँ

 

दस्त के अलावा लगातार उल्टी से भी डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। छोटे बच्चों, या गंभीर डीहाइड्रेशन से पीड़ित किसी भी व्यक्ति को अधिक गहन उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

Dr. Nilabh Kumar Singh
Meet The Doctor
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