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माइग्रेन के लक्षणों की जांच कैसे करें?

माइग्रेन के लक्षणों की जांच कैसे करें?

माइग्रेन सिरदर्द का एक प्रकार होता है जिसे आमतौर पर सिर के एक तरफ महसूस किया जाता है। यह धुकधुकी (throbbing pain) जैसे दर्द की तरह महसूस होता है। लोग आम तौर पर माइग्रेन को लेकर भ्रमित रहते हैं और इसे एक आम सिर दर्द की तरह मान लेते हैं । लेकिन माइग्रेन के प्रभाव सिर्फ एक साधारण सिर दर्द से बहुत बहुत अधिक होता है। यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या होती है जो कई अन्य लक्षणों जैसे मतली, सुन्नता, दृष्टि में कमी, थकान, दृष्टि का अस्थायी नुकसान, भ्रम को उत्पन्न कर सकती है। इस ब्लॉग में, हम माइग्रेन के विभिन्न चरणों को समझने में आपकी मदद करेंगे और माइग्रेन के लक्षणों की जांच करने के लिए कुछ तरीके भी बताएँगे:

 

माइग्रेन के लक्षण

सामान्यतः माइग्रेन के चार चरण होते हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं। यहाँ हम माइग्रेन के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगे और आपको बताएंगे माइग्रेन के लक्षणों की जांच कैसे कर सकते हैं और माइग्रेन के चरणों के बीच कैसे अंतर कर सकते हैं:

 

  • प्रोड्रोम

यह माइग्रेन का एक प्रारंभिक चरण होता है। इसमें आपको माइग्रेन की शुरुआत से पहले एक चेतावनी संकेत देते हैं। आपको माइग्रेन की समस्या होने के एक या दो दिन या कुछ घंटे पहले आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस होने की संभावना रहती है:

  • खाने की अत्याधिक इच्छा (food cravings)
  • क़ब्ज़ी 
  • गर्दन को हिलाने में परेशानी होना 
  • मूड बदलना (मूड स्विंग्स)
  • शरीर में विभिन्न जगह द्रव्य इकठ्ठा होना (Fluid retention)
  • अत्यधिक उबासी आना
  • पेशाब करने की बार-बार इच्छा 

 

  • औरा

औरा, को जिसे क्लासिक माइग्रेन भी कहते है, जो एक प्रकार का माइग्रेन है जिसमें दर्द से पहले या दर्द के दौरान  प्रकट हो सकता है। आम तौर पर, यह कुछ चेतावनी संकेतों के साथ आता है जो आपको एक माइग्रेन दर्द के बारे में संकेत देती है। इस तरह के मामले में, माइग्रेन के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं और लगभग एक घंटे तक रह सकते हैं। यहाँ कुछ संकेत दिए गए हैं जो माइग्रेन औरा के दौरान आपको दिखाई देने की संभावना होती है:

  • देखने में अस्थायी रूप से दिक्कत होना 
  • दृश्य घटनाएँ जैसे प्रकाश की चमक, चमकीले धब्बे आदि
  • हाथ और पैर में सूजन महसूस होना
  • शरीर के एक तरफ सुन्नापन महसूस होना
  • कमजोरी
  • भ्रम
  • कान में घंटी बजने की अनुभूति होना 
  • बोलने में दिक्कत आना

 

  • अटैक या दौरा

यदि माइग्रेन के शुरुआती लक्षण को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए और उसका समय पर उपचार न किया जाए, तो एक माइग्रेन अटैक या दौरा चार घंटे से लेकर बहत्तर घंटे तक रह सकता है। माइग्रेन हमलों की संख्या हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है और एक माह में कई बार माइग्रेन अटैक या दौरा व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। निम्नलिखित लक्षणों को माइग्रेन अटैक या दौरे के दौरान देखा जा सकता है:

  • सिर के एक तरफ दर्द
  • धुकधुकी जैसा दर्द 
  • उल्टी
  • मतली
  • ध्वनि, प्रकाश, और बदबू के प्रति अति संवेदनशीलता।

 

  • पोस्ट-ड्रोम लक्षण 

पोस्ट-ड्रोम एक ऐसी स्थिति है जो माइग्रेन हमले के बाद प्रारंभ होती है। पोस्ट-ड्रोम के कारण आपको पूरे दिन के थकान और कमज़ोरी महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में, सिर को हिलाने से भी माइग्रेन दर्द फिर से उठ सकता है।

 

माइग्रेन के अन्य लक्षण

माइग्रेन के विभिन्न चरणों में जो भी लक्षण ऊपर बताये गए हैं उनके अलावा कुछ अतिरिक्त लक्षण भी अनुभव हो सकते हैं जिन पर आपको ध्यान देने की आवश्यकता होती है, जिनमें शामिल हैं:

  • पेट दर्द
  • ध्यान से काम करने में दिक्कत 
  • दस्त
  • पसीना
  • बीमार होने जैसी अनुभूति

 

माइग्रेन किन को प्रभावित कर सकता है?

माइग्रेन की स्थिति जवान और बुजुर्ग व्यक्ति दोनों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन कुछ कारकों के कारण आप माइग्रेन के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।  ऐसे कुछ कारण निम्नलिखित हैं:

  • लिंग: महिलाओं में पुरुषों की तुलना में माइग्रेन की समस्या अधिक सामान्य होती है। खासकर 15 से 55 वर्षीय आयु समूह वाली महिलाएँ माइग्रेन दर्द का अनुभव करने के अधिक संवेदनशील होती हैं। महिलाओं में माइग्रेन के अनुभव ज्यादा सामान्य होने के लिए विभिन्न हॉर्मोन्स को बड़ा कारण माना गया है।
  • आनुवंशिक: यदि आपके परिवार में किसी को माइग्रेन की समस्या हैं, तो आपको इसे मिलने की अधिक संभावना होती है। माना जाता है कि पांच माइग्रेन रोगियों में से चार में माइग्रेन का पारिवारिक इतिहास होता है।
  • एलर्जी: एलर्जी के कारण सूजन और जलन हो सकती है । माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल विकार है जो रक्त वाहिनियों से संबंधित होता है, इसलिए एलर्जी से माइग्रेन दर्द होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • अन्य कारण, जैसे अत्यधिक धूम्रपान, भी माइग्रेन की स्थिति का कारण बन सकते हैं। स्ट्रेस भी एक कारण है जो आपको माइग्रेन रोगी बना सकता है और माइग्रेन के लक्षणों को बढ़ा सकता है।

 

माइग्रेन की आवृत्ति (frequency)

माइग्रेन दर्द या माइग्रेन हमले की आवृत्ति हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। यह संख्या हफ्ते में एक बार, महीने में एक बार या साल में एक बार हो सकती है। इसके साथ ही, यह गिनती दो और चार तक बढ़ सकती है।

 

माइग्रेन के उपचार

अभी तक, माइग्रेन के लिए कोई सटीक इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन दवाओं और जीवन शैली में परिवर्तन आपको माइग्रेन दर्द का सामना करने में मदद कर सकते हैं। माइग्रेन से निबटने के कुछ उपाय नीचे दिए गए हैं:

  • दवाएँ:

एस्पिरिन, एसिटामिनोफेन और इबुप्रोफेन जैसी कई दवाएँ माइग्रेन और सिरदर्द से राहत पाने के लिए उपयोग की जा सकती हैं। एक अध्ययन के अनुसार, मेलटोनिन भी माइग्रेन के प्रभावों को शांत करने में मदद कर सकती है। लेकिन, इनमें से किसी भी दवा का सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से परामर्श करें, क्योंकि हर व्यक्ति में दवा की खुराक अलग हो सकती है। कई बार मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर भी डॉक्टर आपको कुछ दवाएँ लेने से मना करते हैं।

  • जीवन शैली में बदलाव: 

जीवन शैली में परिवर्तन भी माइग्रेन के दौरों की संख्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से व्यायाम करने, स्वस्थ आहार लेने, ट्रिगर भोजन और जंक भोजन से बचने, योग और ध्यान का अभ्यास करने आदि से आप अपने माइग्रेन के लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं।

 

निष्कर्ष

हम आशा करते हैं कि यह ब्लॉग आपको इतनी जानकारी देगा कि आप माइग्रेन को सामान्य सिरदर्द समझ कर नजरअंदाज़ नहीं करेंगे। माइग्रेन और सिर दर्द में अंतर करने से आप इस स्थिति को काबू करने के विशेष परहेज़ और दवाएँ ले सकते हैं और इस स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं।  


 This blog is a Hindi version of an English-written Blog - How to Check Migraine Symptoms?

Dr. Vinay Goyal
Neurosciences
Meet The Doctor
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