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घुटने का दर्द: घुटने की चोट के लिए सावधानियाँ, कारण और उपचार

घुटने का दर्द: घुटने की चोट के लिए सावधानियाँ, कारण और उपचार

एक खिलाड़ी के रूप में जो भी लक्ष्य आपने निर्धारित कर रखा हो, लेकिन अपने शरीर की बात सुनना महत्वपूर्ण है। उदाहरण के रूप में आप अपनी टाँगे ही ले लीजिए। आपके पसंदीदा खेल, जैसे दौड़ना, फुटबॉल, बास्केटबॉल, स्कीइंग, बाइकिंग या टेनिस, में पहला प्रभावित होने वाला अंग आपके घुटने ही होते हैं। इन गतिविधियों और खेल के दौरान आपके शरीर के वजन के नियमित धक्के पड़ने से आपके घुटने के जोड़ों के आसपास के कार्टिलेज, लिगामेंट, और मांसपेशियों पर ज़ोरदार तनाव पढ़ सकता है और इनमें टूट-फूट हो सकती है। इससे घुटने में मोच या चोट, और घुटने के गंभीर दर्द की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिनके कारण सामान्य मुद्रा में चलने और खेलने में आप असमर्थ हो सकते हैं।

 

अभी किसी स्पोर्ट की शुरुआत करने वाले शौकिया एथलीट के लिए, ये समझना आवश्यक है कि घुटने के दर्द और खेल-संबंधी चोटों से बचने के लिए कुछ प्रभावशाली एहतियाती उपाय बहुत ही बुनियादी उपाय होते हैं:

  • अच्छे फिटिंग वाले जूते पहनें जिनमें अच्छी हील कुशनिंग हो।
  • किसी भी खेल की शुरुआत से पहले कम से कम 10 मिनट तक वार्म-अप करें।
  • धीरे-धीरे अपनी गति को बढ़ाएं।
  • एक प्रबल व्यायाम या दौड़ के बाद 'कूल डाउन' का कुछ समय याद रखें, जिससे आपके शरीर को अत्यधिक श्रम से आराम मिल सके।

 

घुटने की चोटें: आपको डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

 

एक शौकिया खिलाड़ी के प्रारंभिक प्रशिक्षण अवधि या पेशेवर खिलाड़ी के शारीरिक रूप से मांग वाली जीवनशैली के दौरान, मांसपेशियों में खिंचाव या स्ट्रेन आना एक सामान्य घटना होती हैं। इनमें से अधिकांश छोटी समस्याएँ होती हैं और समय के साथ और पर्याप्त आराम, बर्फ का पैक, या ओवर--काउंटर दर्द निवारक दवाओं द्वारा इनका इलाज किया जा सकता है। हालांकि, कुछ उच्च-प्रभाव खेल गतिविधियाँ जैसे फुटबॉल और लंबी दूरी की दौड़ अधिक गंभीर चोटों का कारण भी बन सकती हैं, इनमें घुटने के कार्टिलेज या लिगामेंट का फटना, घुटने की पटेला का विस्थापन, फ्रैक्चर, टेंडोनाइटिस, और इसी तरह की चोटें शामिल हैं।

 

घुटने के स्प्रेन और हल्की चोट के कुछ आम लक्षणों में सूजन और लालिमा, घुटने को मोड़ने पर चटकने या खड़खड़ाने की आवाज़ आना या इसे सीधा नहीं कर पाना शामिल है। लेकिन अगर आपको निम्नलिखित कोई भी संकेत नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें:

  • अगर आपके घुटने या पैर में सूजन या स्पष्ट विकृति दिखाई दें।
  • अगर आप खड़े होने की सामर्थ्य नहीं रख पा रहे हों क्योंकि आपके घुटने आपके वजन नहीं उठा पा रहे हैं।
  • अगर दर्द और सूजन के साथ बुखार हो।
  • अगर आपके पैर डगमगा रहे हैं या आपको ऐसा लगता है कि आपके घुटने आपको धोखा दे सकते हैं।

 

चोट आना या दौड़ने में असमर्थ होना किसी के लिए भी उत्साहहीनता और निराशा का कारण बन सकता है। लेकिन अगर आप अपने शरीर की सुनते हैं और पूरी तरह ठीक होने के बाद खेलना या दौड़ना शुरू करते हैं, तो आप घुटने के पुराने दर्द से बच सकते हैं और यहां तक कि घुटने की सर्जरी से भी बच सकते हैं।

 

एथलेटिक घुटने की चोटों के प्रकार

 

1. रनर्स नी (Runner's knee) और जम्पर नी (Jumper's knee)

इनको 'पटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम' और 'पटेलोफेमोरल टेंडोनाइटिस' के रूप में भी जाना जाता है, 'रनर्स नी' और 'जम्पर्स नी' का एक सामान्य कारण घुटनों का बार-बार अत्यधिक उपयोग या अत्यधिक परिश्रम होता है जिसमें बहुत अधिक दौड़ने और कूदने से घुटने की टोपी (पटेला) घुटने की हड्डी या फेमरल बोन के नीचे से रगड़ने लगती है। इसके आम लक्षण हैं: घुटने के सामने सूजन (रनर्स नी) या घुटने के नीचे सूजन (जम्पर्स नी), टेंडरनेस, दर्द या सूजन, जो व्यायाम के बाद या सीढ़ियों पर चढ़ते या उतरने के समय बढ़ जाती है। घुटने के दर्द के प्राथमिक स्रोत की पहचान करने और पुराने दर्द की जटिलताओं से बचने के लिए डॉक्टर से निदान लेने की सलाह दी जाती है।

दर्द की तीव्रता के आधार पर, रनर्स नी और जम्पर्स नी दोनों के इलाज में विभिन्न विकल्प हो सकते हैं, जिनमें गतिविधि को कम करना या कुछ समय के लिए बंद करना, स्पोर्ट्स मसाज, पटेला को मजबूत करने वाले व्यायाम या जांघ को खींचने वाले व्यायाम शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, घुटने को सहारा देने वाला ब्रेस या दर्द निवारक दवाएं भी एक विकल्प होते हैं, यदि इससे भी आराम नहीं मिलता है तो सर्जरी के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।

 

2. लिगामेंट चोट

लिगामेंट की चोट खेलते समय या गिरने के दौरान अचानक मुड़ने वाली क्रिया या किसी अन्य वस्तु के जोरदार टकराने के कारण हो सकती है। लिगामेंट चोट के कारण होने वाला दर्द हल्के से लेकर बहुत ज्यादा तेज़ हो सकता है और डॉक्टर द्वारा प्राथमिक चिकित्सा देने तक खेलना और गतिविधि बंद करने की सलाह दी जाती है। कई बार, डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।

लिगामेंट चोट के निम्नलिखित दो मुख्य प्रकार होते हैं:

  • एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) चोट: मोच आना, फुटबॉल खिलाड़ियों और अन्य संपर्क स्पोर्ट्स में सामान्य होती है जहां एक खिलाड़ी जब अपने घुटने को अत्यधिक अंदर की ओर मोड़ता है, जबकि इस दौरान उसका पैर जमीन पर स्थिर रहता है तो एक पॉप या क्रैक ध्वनि सुनाई देती है। इस चोट में दर्द के साथ साथ ही तुरंत सूजन और लालिमा भी जाती है, क्योंकि एसीएल में चोट के कारण जोड़ के भीतर कुछ रक्तस्राव हो सकता है।
  • मीडियल क्रूसिएट लिगामेंट स्प्रेन (MCL): रग्बी, फुटबॉल और मार्शल आर्ट्स जैसे खेलों के खिलाड़ियों में यह चोट सामान्य होती है। घुटने पर अचानक इंपैक्ट पड़ने के कारण खिंचाव हो सकता है और कभी-कभी इसके फलस्वरूप लिगामेंट या फाइबर फट जाते हैं। इस स्थिति में शीघ्र प्राथमिक उपचार और डॉक्टर से परामर्श की सलाह दी जाती है क्योंकि इस तरह के लिगामेंट के फटने के कारण मेनिस्कस चोटिल हो सकती है। इसका इलाज चोट की जगह का प्रोटेक्शन, आराम, आइस पैक्स, कम्प्रेशन बैंडेज़ और/या को ऊंचाई पे रखना (PRICE), घुटने के ब्रेस या सहायता के लिए बैसाखी (क्रचेस) का उपयोग, या थेरेपी और मालिश होती है।

 

3. मेनिस्कस का फटना (Torn Meniscus)

फटी हुई मेनिस्कस या मीडियल कार्टिलेज मेनिस्कस के चोट की वजह से व्यक्ति के घुटने के अंदरूनी भाग में दर्द होता है और यह चोट खेल गतिविधियों के दौरान जबरदस्त इंपैक्ट के कारण के साथ-साथ एथलीटों में मांसपेशियों के पुराने खराबी के कारण भी हो सकती है। आम तौर पर, यह दर्द घुटने को मोड़ने या बैठने के दौरान महसूस होता है और इसके कारण गतिशीलता में दिक़्क़त हो सकती है। फटी हुई मेनिस्कस के तुरंत उपचार के हिस्से के रूप में RICE सिद्धांतों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि सर्जिकल उपाय फटी हुई मेनिस्कस की गंभीरता पर निर्भर करता है।

 

4. फ्रैक्चर

खेल के दौरान फ़ुटबॉल टैकल करते समय फ्रैक्चर होना या गिरना असामान्य नहीं है। नीचे घुटने की चोटों से होने वाले कुछ फ्रैक्चर बताए गए हैं:

  1. ऑस्टियोकोंड्रल फ्रैक्चर: ऑस्टियोकोंड्रल फ्रैक्चर या आर्टिक्यूलर कार्टिलेज में चोट से तत्काल दर्द और सूजन हो सकती है और कभी-कभी यह स्थित हड्डी की फ्रैक्चर के साथ जुड़ी होती है, जहां फटे हुए कार्टिलेज के अंदर एक या एक से अधिक हड्डी के टुकड़े घुस जाते हैं। दर्द की तीव्रता के अनुसार, डॉक्टर एक्स-रे, एमआरआई या सीटी स्कैन की सलाह दे सकते हैं। ये इमेजिंग टेस्ट जोड़ के चारों ओर 'तैरते' हुए हड्डियों के टुकड़ों के आकार और संख्या का एक स्पष्ट चित्र प्रदान कर सकते हैं , जो अंतरालिक दर्द का मुख्य कारण होते हैं।
  2. टिबियल प्लेटो फ्रैक्चर: टिबियल प्लेटो फ्रैक्चर हाई-स्पीड स्पोर्टिंग दुर्घटनाओं, जैसे कि बाइकिंग, स्कीइंग या घोड़ा चढ़ने में देखा जाता है, और इसमें शिन बोन या टिबिया की ऊपरी सतह में फ्रैक्चर होता है। इस स्थिति में डॉक्टर से परामर्श की सलाह दी जाती है ताकि निदान और क्षति का सटीक पता चल सके, और सर्जरी की आवश्यकता का भी पता चल सके।

 

चोट के बाद अपने घुटनों का ध्यान कैसे रखना चाहिए?

 

चिकित्सा के बाद लंबी रिकवरी अवधि आपको निराश कर सकती है, जबकि आपका शरीर इससे निपटना धीरे-धीरे सीख जाता है। लेकिन एक सकारात्मक और सक्रिय रवैये द्वारा आप इस प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं या इसे तेज कर सकते हैं। जिसमें शामिल हैं:

 

अपनी प्रगति की निगरानी रखें और यदि इस दौरान आपको दर्द या बुखार महसूस हो तो अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताएँ।

  • ध्यान रखें कि आपके आहार में पर्याप्त मात्रा में लीन प्रोटीन और पत्तेदार सब्जियां शामिल हों।
  • अपनी शराब, कॉफी और सोडा की मात्रा को सीमित करें।
  • ध्यान और कोपिंग रणनीतियां जैसे मेडिटेशन और भावनाओं का उपयोग करें।
  • आवश्यकता होने पर सहायता के लिए पूछें, और पर्याप्त नींद लेने का प्रयास करें।

 

इन युक्तियों के साथ-साथ, अपने डॉक्टर के साथ नियमित संपर्क में रहने से आप फिर से खेल में और अपने पाँवों पर खड़े हो सकते हैं।

Dr. Attique Vasdev
Orthopaedics
Meet The Doctor
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