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गुर्दे (kidney) की पथरी: इसे रोकने के लिए 6 आहार संबंधी टिप्स

किडनी स्टोन खनिज और नमक के एकत्रित की हुई वस्तु होती है, जो आपके गुर्दे के अंदर बनते हैं। इस स्थिति को रीनल लिथियासिस या नेफ्रोलिथियासिस भी कहते हैं। ये पथरियाँ कैल्शियम ऑक्सालेट, यूरिक एसिड या फास्फोरस से बनी होती हैं। एक बार बनने के बाद, ये व्यक्ति में असहनीय दर्द पैदा कर सकते हैं।

 

किडनी स्टोन रोग के लक्षण

 

गुर्दे की पथरी के लक्षण तब तक महसूस नहीं होते जब तक कि ये आपके गुर्दे से मूत्रवाहिनी (ureter) में नहीं पहुँच जाती। इसके उपस्थिति पर व्यक्ति को बुखार, ग्रोइन या कमर में तेज दर्द, उल्टी और मतली, और मूत्र में मवाद और रक्त की उपस्थिति जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। व्यक्ति को पेशाब करते समय जलन का अनुभव भी हो सकता है। 

 

किडनी स्टोन बनने के कारण 

 

नीचे कुछ किडनी स्टोन बनने के कारण बताये हैं:

  • कम पानी पीना: रोजाना कम पानी पीने से गुर्दे की पथरी बनने का जोखिम अधिक होता है। जब आप कम मात्रा में पानी पीते हैं तो आपका मूत्र अम्लीय हो जाता है। यह उन लोगों के साथ होता है जो रोजाना 8-10 गिलास से कम पानी पीते हैं।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ: चिकित्सा स्वास्थ्य की स्थिति से पीड़ित लोगों में गुर्दे की पथरी बनने का ख़तरा अधिक होता है। इन स्थितियों में से कुछ मुख्य क्रोहन रोग, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, हाइपरपरथायरायडिज्म, मेडुलरी स्पंज किडनी, डेंट बीमारी और रीनल ट्यूबलर एसिडोसिस शामिल होते हैं।
  • दवाइयाँ: मिर्गी और माइग्रेन की कुछ दवाइयों के सेवन से भी गुर्दे की पथरी के विकास की संभावना बढ़ सकती हैं।
  • अन्य जोखिम कारक: गुर्दे की पथरी का पारिवारिक इतिहास, मोटापा, अस्वास्थ्यकर आहार, गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी और पुराने दस्त वाले व्यक्तियों में भी गुर्दे की पथरी के विकास की संभावना ज़्यादा होती है।

 

किडनी स्टोन को बनने से कैसे रोका जा सकता है?

 

स्वस्थ दिनचर्या और अपने आहार में कुछ मामूली परिवर्तन करने से गुर्दे की पथरी बनने से रोकने में मदद मिल सकती है। नीचे कुछ मुख्य आहार परिवर्तन बताये हैं जिन्हें आप गुर्दे की पथरी को दूर रखने के लिए अपने दैनिक जीवन में आसानी से शामिल कर सकते हैं:

 

खूब तरल पेय पियें: - गुर्दे की पथरी को बनने से रोकने का सबसे आसान तरीका पूरे दिन हाइड्रेट रहना है। कम पानी पीने से पेशाब कम होगा और अत्यधिक गाढ़ा भी हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप मूत्र लवण को घुलने से रोकता है। और लवण जमा होने लग जाते हैं और पथरी का रूप ले लेते हैं।  इस समस्या से बचने के लिए नींबू पानी और संतरे के जूस जैसे साइट्रस जूस का सेवन करें। इन रसों में मौजूद साइट्रेट क्रिस्टल स्टोन के निर्माण को रोकने में सहायता करता है।

 

सोडियम का सेवन कम करें: - भोजन में नमक का अधिक सेवन आपके किडनी स्टोन होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। मूत्र में नमक की अधिक मात्रा मूत्र से रक्त में कैल्शियम के पुनःअवशोषण को रोकता है। इससे मूत्र में कैल्शियम ज़्यादा जमा होने लग जाता है, जिसके परिणामस्वरूप गुर्दे में पथरी का विकास होता है। इसीलिए उच्च सोडियम वाले खाद्य पदार्थ जैसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (चिप्स, नमकीन बिस्कुट, चिवड़ा, चकली, आदि), डिब्बाबंद सूप और सब्जियाँ, मसाले (सरसों, सोया सॉस), और बेकिंग सोडा और एमएसजी - मोनोसोडियम ग्लूटामेट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।

 

कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें: - सामान्य भ्रांति के विपरीत, वास्तव में कम कैल्शियम के खाद्य पदार्थों के सेवन से आपमें किडनी स्टोन होने का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसा शरीर में ऑक्सालेट रसायन के स्तर में वृद्धि के कारण होता है।  ऑक्सालेट एक प्राकृतिक पदार्थ होता है जो सामान्यतः बीन्स, चुकंदर और गहरे रंग की पत्तेदार सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों में मिलता है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर, यह कैल्शियम के साथ बँध नहीं पता, और शरीर में ऑक्सालेट का स्तर बढ़ जाता है, जिसके कारण गुर्दे में पथरी बनती है। कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोत, जैसे दूध या पनीर, अकेले लेने पर इतने हानिकारक नहीं होते जीतने कैल्शियम सप्लीमेंट। इसीलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि कैल्शियम सप्लीमेंट को हमेशा खाने के साथ ही लेना चाहिए।

 

पथरी बनाने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें: - ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से किडनी स्टोन होने का खतरा अधिक होता है। इसका कारण यह है कि ऑक्सालेट एक प्राकृतिक यौगिक होता है जो प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यह मूत्र में उपस्थित कैल्शियम के साथ बंध जाता है। ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होने पर यह गुर्दे की पथरी बना सकता है। अतः किडनी स्टोन को बनने से रोकने के लिए इन खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित करना आवश्यक होता है।  - ऑक्सालेट्स से भरपूर खाद्य पदार्थों में चॉकलेट, पालक, कॉफी, चुकंदर, मूंगफली, सोया उत्पाद, गेहूं की भूसी (wheat bran) और शकरकंद मुख्य हैं। इन खाद्य पदार्थों का कम सेवन करने से गुर्दे की पथरी के खतरे को कम किया जा सकता है।

 

अपने भोजन में मांस की मात्रा कम करें: - रोज़ाना अधिक मांस खाने से यूरिक एसिड की समस्या और किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ सकता है। अपने किडनी स्टोन होने के जोखिम को कम करने के लिए गोमांस, मछली, सूअर का मांस और पोल्ट्री का सेवन सीमित करें। इसीलिए आपको आपके डॉक्टर या डायटीशियन से परामर्श करना चाहिए कि आप  साप्ताहिक आधार पर कितनी मात्रा में मांस का सेवन कर सकते हैं क्योंकि अपने प्रोटीन सेवन को पूरी तरह से बंद करने से शरीर में कमजोरी सकती है।

 

विटामिन सी सप्लीमेंट के सेवन से बचें: - संतरे, नींबू, अंगूर, स्ट्रॉबेरी, पपीता, ब्रोकोली और फूलगोभी जैसे प्राकृतिक विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है। हालांकि, विटामिन सी सप्लीमेंट गुर्दे की पथरी बनने का जोखिम पैदा करती है।

Medanta Medical Team
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