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कीमोथेरेपी के दौरान स्वस्थ रहने के 6 तरीके

कीमोथेरेपी दवाओं का उपयोग कैंसर कोशिकाओं को ख़त्म करने के लिए किया जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया में कैंसर कोशिकाओं के साथ-साथ स्वस्थ्य कोशिकाएँ भी प्रभावित होती हैं। इसके कारण आपमें थकान, मतली और संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। कीमोथेरेपी की दवाएँ खून में डाली जाती हैं और रक्त प्रवाह द्वारा ये पूरे शरीर में फैलती हैं और अस्थि मज्जा में उपस्थित रक्त बनाने वाली कोशिकाओं, बाल की कोशिका, पाचन तंत्र और प्रजनन प्रणाली की कोशिकाओं को भी प्रभावित कर सकती है।

 

आपको यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण होता है कि इस उपचार के दौरान किसी भी अतिरिक्त संक्रमण या बीमारी से बचने के लिए आप अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनायें। आइए इस ब्लॉग में जाने कि आप कैसे कीमोथेरेपी के दौरान अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं।

 

संक्रमण से बचें

कीमोथेरेपी के दौरान आपकी शरीर की किसी भी संक्रमण के खिलाफ लड़ने की क्षमता काफी कम हो जाती है। यह इसलिए होता है क्योंकि कीमोथेरेपी दवाओं द्वारा आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण सफेद रक्त कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपकी शरीर संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है।

 

इसीलिए संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए, कुछ नियमित स्वच्छता आदतों का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है। इसके लिए कुछ निम्नलिखित बातें ध्यान में रखें:

  • नियमित रूप से हाथों को धोएँ और अपने देखभाल करने वाले, परिवार और मेहमानों से भी यही कहें
  • रोज़ाना स्नान करें
  • दांतों के स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए नियमित रूप से दाँत साफ करें
  • ऐसे कार्यों से बचें जिनकी वजह से चोट या कट लगें 
  • यदि आपको चोट लगती हैं, तो घाव को साफ करें और एंटीबैक्टीरियल क्रीम का उपयोग करें
  • कीमोथेरेपी के कारण कभी-कभी आपके मुँह में छाले हो सकते हैं, अतः गरम और मसालेदार खाद्य सामग्री से बचें
  • भोजन के बाद नमक वाले पानी से कुल्ला करें।

 

मतली को नियंत्रित करें

कीमोथेरेपी के कारण व्यक्ति को मतली और भूख की कमी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही, यह आपके स्वाद को भी प्रभावित करके खाद्य पदार्थों को मेटेलिक या अत्यधिक मीठे/खारे लग सकते हैं। हालाँकि यह एक अस्थायी प्रभाव होता है, और यह कीमोथेरेपी लेने वाले व्यक्ति के शरीर की पोषण संबंधी आवश्यकताओं में समस्या पैदा कर सकती है। इस समस्या से बचने के लिए छोटे-छोटे हिस्सों में बार-बार भोजन करने का प्रयास करें। आप इस अनुभूति को कम करने के लिए एक छोटा अदरक का टुकड़ा या पुदीने के पत्ते चबा सकते हैं। वसायुक्त और तले हुए खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।

 

पोषक खाद्य पदार्थ खायें 

कीमोथेरेपी के दौरान आपके शरीर में कमजोरी महसूस होगी और आपको ज़्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होगी। अतः इस दौरान प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिजों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अंडे, मांस, दूध, मक्खन, दही, पनीर और दाल से आप आवश्यक प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप कठोर पदार्थों को निगलने में सक्षम नहीं हैं, तो सूप या मुलायम, मसला हुआ ख़ाना खायें।

 

आपके मुँह में स्वाद की हानि के कारण, आपको अपने भोजन में अतिरिक्त नमक की आवश्यकता महसूस हो सकती है, परंतु ऐसा करने से बचें और अपनी सोडियम सेवन में वृद्धि करें। प्रोसेस्ड खाद्य, मिठी ड्रिंक्स और शराब के सेवन से बचें। आपके लिए कीमो अनुकूल आहार बनाने के बारे में सलाह लेने के लिए एक डाइटीशियन से संपर्क करें।

 

पर्याप्त पानी पिएँ

कब्ज या दस्त के अलावा, कीमोथेरेपी के कारण शुष्क मुँह और डीहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो सकती है। कीमोथेरेपी के दौरान व्यक्ति को पानी भी बेस्वाद लग सकता है, क्योंकि इस समय अस्थायी रूप से स्वाद की हानि हो सकती है। आपको पानी पीने से रुकना नहीं चाहिए, और रोजाना कम से कम आठ गिलास पानी अवश्य पिये। यदि आप चाहें तो, पानी में नींबू का टुकड़ा, खीरा के टुकड़े, पुदीने के पत्ते या तुलसी के पत्ते डालें ताकि एक अच्छा स्वाद उत्पन्न कर सकें।

 

नियमित व्यायाम करें 

दिन में कुछ हल्का व्यायाम जैसे लगभग 20-30 मिनट की सैर करना आपके शरीर के लिए अच्छा हो सकता है क्योंकि यह आपके मूड को हल्का कर सकता है और पाचन तंत्र की शक्ति को बढ़ता है। हालांकि, आपको यह बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आपके शरीर कितना व्यायाम सहन कर सकता है। खुद को थकायें नहीं या ऐसे स्थानों पर जाएं जहां आपको संक्रमण का ख़तरा हो सकता है। अपने व्यायाम योजना बनाने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

 

सप्लीमेंट्स के बारे में सतर्क रहें

डॉक्टर अक्सर कीमोथेरेपी के दौरान सप्लीमेंट्स ना लेने की चेतावनी देते हैं क्योंकि वे उपचार दवाओं के साथ विभिन्न प्रतिक्रिया कर इलाज में हस्तक्षेप कर सकते हैं। सप्लीमेंट्स अधिकतर विटामिन, खनिज और अन्य हर्बल सप्लीमेंट्स के रूप में उपलब्ध होते हैं। अगर आप कोई सप्लीमेंट ले रहे हैं तो अपने कीमोथेरेपी से पहले उस सप्लीमेंट्स के बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श करें। कीमोथेरेपी के दौरान आपको हरी चाय (green tea) के सेवन से भी बचना चाहिए क्योंकि इसके मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फाइटोकेमिकल किमो दवाओं की प्रभावशीलता में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

 

कैंसर से लड़ना मानसिक और शारीरिक रूप से कठिन हो सकता है। कैंसर उपचार के साथ न्यूनतम असुविधा से गुजरने के लिए एक स्वस्थ आहार और सही सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप भावनात्मक तनाव को कम करने के लिए के लिए एक डॉक्टर या कैंसर समर्थन समूह से संपर्क कर सकते हैं।

Medanta Medical Team
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