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न्यूनतम इनवेसिव पैराथाइरॉइडेक्टॉमी क्या है?

न्यूनतम इनवेसिव पैराथाइरॉइडेक्टॉमी क्या है?
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समय के साथ सर्जरी में काफ़ी बदलाव आया है। नए तरीके अब दर्द कम करने और मरीज़ों के जल्द ठीक होने पर ज़्यादा ध्यान देते हैं। मिनिमली इनवेसिव पैराथाइरॉइडेक्टॉमी ऐसी ही एक विधि है। यह प्रक्रिया पैराथाइरॉइड ग्रंथियों की विशिष्ट समस्याओं का इलाज करती है। मेदांता गुरुग्राम के डॉ. दीपक सरीन इस उन्नत सर्जिकल तकनीक के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

न्यूनतम इनवेसिव पैराथाइरॉइडेक्टॉमी की व्याख्या

डॉ. सरीन बताती हैं कि न्यूनतम पहुँच केंद्रित पैराथाइरॉइडेक्टॉमी में एक छोटा सा चीरा लगाकर केवल एक पैराथाइरॉइड ग्रंथि को हटाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह विधि पुरानी सर्जरी की तुलना में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें गर्दन के क्षेत्र में बड़े चीरे और अधिक जांच की आवश्यकता होती थी।

यह कब किया जाएगा?

प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म या PHPT के रोगियों का इलाज करते समय डॉक्टर इस केंद्रित तकनीक का सहारा लेते हैं। PHPT तब होता है जब एक या एक से अधिक पैराथायरायड ग्रंथियाँ बहुत अधिक पैराथायरायड हार्मोन बनाती हैं। ऐसा ग्रंथि ऊतक के बहुत बड़े हो जाने या विकसित हो जाने के कारण होता है।

मरीजों का मूल्यांकन कैसे किया जाता है?

डॉ. सरीन कहती हैं कि मरीज़ों को "लोकलाइज़िंग स्टडीज़" नामक प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इनवेसिव पैराथाइरॉइडेक्टॉमी के लिए योग्य हैं या नहीं। इन परीक्षणों से पता चलता है कि क्या एक ग्रंथि या उससे ज़्यादा ग्रंथि समस्या पैदा कर रही है।

स्थानीयकरण परीक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • अल्ट्रासाउंड - यह इमेजिंग परीक्षण यह दर्शाता है कि पैराथाइरॉइड ग्रंथियां सामान्य से बड़ी हैं या नहीं।

  • सेस्टामिबी स्कैन - यह न्यूक्लियर स्कैन किसी भी अतिसक्रिय पैराथाइरॉइड ऊतक का पता लगाने में मदद करता है।

  • 4डी सीटी स्कैन - यह उन्नत स्कैन निदान में सहायता के लिए ग्रंथियों की विस्तृत छवियां बनाता है।

शल्य चिकित्सा पद्धति का चयन कैसे किया जाता है

इन नैदानिक ​​परीक्षणों का उपयोग करके, डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि क्या केवल एक ग्रंथि असामान्य या बढ़ी हुई है, या गर्दन की सभी चार पैराथाइरॉइड ग्रंथियाँ इस बीमारी से प्रभावित हैं। सही शल्य चिकित्सा योजना का निर्णय इसी मूल्यांकन पर निर्भर करता है।

डॉ. सरीन बताते हैं कि जब जाँचों से एक ग्रंथि के प्रभावित होने का पता चलता है, तो मरीज़ों को एक केंद्रित और कम आक्रामक सर्जरी का विकल्प मिल सकता है। दूसरी ओर, अगर एक से ज़्यादा ग्रंथियाँ प्रभावित हैं, तो दूसरी सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है।

प्रक्रिया

सर्जन एक छोटे से चीरे का उपयोग करके आक्रामक पैराथाइरॉइडेक्टॉमी करते हैं जिससे असामान्य पैराथाइरॉइड ग्रंथि को सीधे हटाया जा सकता है। इस केंद्रित विधि में चीरे की सटीक स्थिति का उपयोग किया जाता है। छोटा चीरा दिखने में बेहतर होता है और अक्सर सर्जरी के बाद तेज़ी से रिकवरी और कम दर्द होता है।

न्यूनतम इनवेसिव पैराथाइरॉइडेक्टॉमी के लाभ

डॉ. सरीन इस तकनीक के कई लाभ बताते हैं:

  • तेज़ संचालन - यह सर्जरी आमतौर पर पारंपरिक तरीकों की तुलना में कम समय लेती है

  • अस्पताल में कम दौरे - मरीजों को अक्सर एक रात अस्पताल में रुकना पड़ता है

  • शानदार परिणाम - यह "रोग की बहुत उच्च स्थायी उपचार दर" प्रदान करता है

निष्कर्ष

न्यूनतम आक्रामक पैराथाइरॉइडेक्टॉमी, प्राथमिक हाइपरपैराथाइरॉइडिज़्म के उपचार में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर जब यह केवल एक पैराथाइरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करता है। सर्जन एक छोटा सा चीरा लगाकर प्रभावित ग्रंथि पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इस विधि से रोगियों को कम आक्रामक समाधान मिलता है, अच्छे परिणाम मिलते हैं और वे जल्दी ठीक हो जाते हैं।

प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म के उपचार के लिए, इस विकल्प के बारे में किसी प्रशिक्षित सर्जन से बात करने से आपको अपनी दैनिक दिनचर्या को बरकरार रखते हुए, इस स्थिति से निपटने का प्रभावी तरीका खोजने में मदद मिल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. न्यूनतम आक्रामक पैराथाइरॉइडेक्टॉमी क्या है?

    न्यूनतम आक्रामक पैराथाइरॉइडेक्टॉमी में केवल एक समस्याग्रस्त पैराथाइरॉइड ग्रंथि को लक्षित करके एक छोटा सा चीरा लगाकर उसे निकाल दिया जाता है। इससे चारों ग्रंथियों को खोलकर जाँच करने की आवश्यकता नहीं होती।

  2. इस प्रक्रिया पर किसे विचार करना चाहिए?

    डॉक्टर प्राथमिक हाइपरपैराथाइरॉइडिज्म (PHPT) के उपचार के लिए इस सर्जरी की सलाह देते हैं, जब अल्ट्रासाउंड, सेस्टामिबी स्कैन या 4D CT जैसे परीक्षण यह बताते हैं कि एक पैराथाइरॉइड ग्रंथि बढ़ी हुई है या समस्या पैदा कर रही है।

  3. कौन से परीक्षण यह तय करेंगे कि मैं इस सर्जरी के लिए योग्य हूं या नहीं?

    डॉक्टर अल्ट्रासाउंड, सेस्टामिबी स्कैन और 4D सीटी स्कैन जैसे स्थानीयकरण परीक्षणों का उपयोग करके यह पता लगाते हैं कि क्या समस्या का कारण एक पैराथाइरॉइड ग्रंथि है। अगर ऐसा है, तो आपको कम आक्रामक प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

  4. इस सर्जरी के बाद आप कितने समय तक अस्पताल में रहेंगे?

    ज़्यादातर मरीज़ों को सिर्फ़ एक रात अस्पताल में रुकना पड़ता है। इसलिए पुराने तरीक़ों की तुलना में यह विकल्प कम समय का है।

  5. क्या होगा यदि एक के बजाय सभी चार पैराथाइरॉइड ग्रंथियां प्रभावित हों?

    अगर बीमारी सिर्फ़ एक के बजाय चारों पैराथाइरॉइड ग्रंथियों को प्रभावित करती है, तो न्यूनतम पहुँच वाला तरीका शायद कारगर न हो। ऐसे मामलों में, डॉक्टर कोई दूसरा तरीका अपनाएँगे।

Dr. Deepak Sarin
Cancer Care
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