डॉ. अमिता जैन मेदांता के यूरोलॉजी और एंड्रोलॉजी विभाग में एसोसिएट डायरेक्टर – यूरोगाइनेकोलॉजिस्ट हैं। उन्हें भारत में पहली बार 2012 में टीवीटी – एब्रेवो, उत्तर भारत में पहली बार स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस के उपचार के लिए टीवीटी एग्जैक्ट (2014) और प्रोलैप्स के उपचार के लिए पहली बार 2012 में एंटीरियर प्रोसिमा (Anterior Prosima) का सफल प्रयोग करने का श्रेय प्राप्त है। उन्होंने देश में कई उन्नत प्रक्रियाओं का भी आविष्कार किया है, जिनमें डायनेमिक एमआरआई पेल्विस, 2डी/3डी ट्रांसपेरिनियल यूएसजी और रोबोटिक यूरोगाइनेकोलॉजी शामिल हैं।